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Rangbhari Ekadashi: मां गौरा को लगेगी नौ दुर्गा मंत्रों से अभिमंत्रित हल्दी, 27 को निकलेगी दिव्य पालकी यात्रा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 24 Feb 2026 03:28 PM IST
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सार
Varanasi News: काशी में रंगभरी एकादशी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कल पालकी पूजा और षोडशी शृंगार होगा। वहीं 27 को गौरा के गौना की दिव्य पालकी यात्रा निकलेगी।
रंगभरी एकादशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाशिवरात्रि पर शिव विवाह की रस्म के बाद रंगभरी एकादशी तक बाबा और माता गौरा के गौना के लोकाचार की परंपरा निभाई जाएगी। बाबा की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता की गौना की रस्में मंगलवार से शुरू हो जाएंगी। टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास गौरा-सदनिका में नौ गौरी और नौ दुर्गा के आह्वान मंत्रों से अभिमंत्रित पावन हल्दी माता गौरा को अर्पित की जाएगी। दुर्गाकुंड मंदिर से माता की हल्दी गाजेबाजे के साथ पूजा स्थल पर पहुंचेगी।
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पूर्व महंत स्व. कुलपति तिवारी के पुत्र व आयोजक पं. वाचस्पति तिवारी ने महंत आवास पर पत्रकारों को बताया कि रंगभरी (अमला) एकादशी पर बाबा विश्वनाथ की ऐतिहासिक पालकी यात्रा निकाली जाएगी। माता गौरा के गौने की रस्में मंगलवार से 27 फरवरी रंगभरी एकादशी तक निभाई जाएगी। मंगलवार को शाम 6:45 बजे से टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास में हल्दी-तेल की रस्में निभाई जाएंगी।
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इसके पहले दुर्गा मंदिर में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विशेष अनुष्ठान के बाद नौ गौरी और नौ दुर्गा के आह्वान मंत्रों से हल्दी को विधिवत पूजित और अभिमंत्रित कर शोभायात्रा निकाली जाएगी, महंत आवास आने के बाद महिलाएं यही हल्दी मां गौरा को लगाएंगी। हल्दी अर्पण से पूर्व 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों के साथ विशेष पूजन होगा।
शंख ध्वनि और घंटानाद के बीच मंडप में विराजमान गौरा की चल प्रतिमा को परंपरागत रीति से हल्दी चढ़ाई जाएगी। गवनहरियों की टोली पारंपरिक मंगलगीत और सोहर गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देगी।
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उन्होंने बताया कि रंगभरी एकादशी को ब्रह्म मुहूर्त में बाबा-माता गौरा और प्रथमेश का विशेष पूजन आचार्य सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में होगा। सुबह नौ बजे भोग शृंगार के बाद नौ बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। दोपहर 12:30 बजे भोग आरती होगी। शाम को पांच बजे बाबा विश्वनाथ की पालकी मंदिर से प्रस्थान करेगी और नगर भ्रमण पर निकलेगी। मार्ग में श्रद्धालु अबीर-गुलाल और पुष्पवर्षा से बाबा और गौरा का स्वागत करेंगे। बाबा विश्वनाथ माता गौरा को ससुराल से अपने धाम लाते हैं।
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उन्होंने बताया कि रंगभरी एकादशी को ब्रह्म मुहूर्त में बाबा-माता गौरा और प्रथमेश का विशेष पूजन आचार्य सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में होगा। सुबह नौ बजे भोग शृंगार के बाद नौ बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे। दोपहर 12:30 बजे भोग आरती होगी। शाम को पांच बजे बाबा विश्वनाथ की पालकी मंदिर से प्रस्थान करेगी और नगर भ्रमण पर निकलेगी। मार्ग में श्रद्धालु अबीर-गुलाल और पुष्पवर्षा से बाबा और गौरा का स्वागत करेंगे। बाबा विश्वनाथ माता गौरा को ससुराल से अपने धाम लाते हैं।
कल पालकी पूजन और षोडशी शृंगार
गौना के निमित्त महंत आवास अब गौरा के मायके का रूप ले चुका है। 25 फरवरी को दोपहर तीन बजे बाबा का पालकी पूजन होगा और शाम को 6:30 बजे से षोडशी शृंगार होगा। पालकी की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य पूर्ण हो गया है। शृंगार में पारंपरिक काशी शैली में रेशमी वस्त्र, स्वर्णाभूषण, पुष्पमालाओं और चंदन-रोली से सुसज्जित होने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन करेंगे।
राजसी पोशाक में पहुंचेंगे बाबा
26 फरवरी को शाम 6:30 बजे बाबा का गौना लेने गौरा-सदनिका में प्रतीकात्मक आगमन होगा। बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को पारंपरिक राजसी पोशाक पहनाई जाएगी। बाबा विशेष देव किरीट धारण करेंगे, जिसे काशी के परंपरागत किरीट शिल्पी नंदलाल अरोड़ा सजा रहे हैं। दशाश्वमेध क्षेत्र में महादेव के राजसी वस्त्र विनोद मास्टर तैयार कर रहे हैं।
राजसी पोशाक में पहुंचेंगे बाबा
26 फरवरी को शाम 6:30 बजे बाबा का गौना लेने गौरा-सदनिका में प्रतीकात्मक आगमन होगा। बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को पारंपरिक राजसी पोशाक पहनाई जाएगी। बाबा विशेष देव किरीट धारण करेंगे, जिसे काशी के परंपरागत किरीट शिल्पी नंदलाल अरोड़ा सजा रहे हैं। दशाश्वमेध क्षेत्र में महादेव के राजसी वस्त्र विनोद मास्टर तैयार कर रहे हैं।
बाबा की पालकी यात्रा मार्ग
गौरा की पालकी यात्रा 27 फरवरी को महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। यहां से नवग्रह मंदिर होते हुए विश्वनाथ गली, साक्षी विनायक, ढुंढिराज गणेश से अन्नपूर्णा मंदिर के सामने से विश्वनाथ मंदिर में पहुंचेगी। जहां, बाबा की चल प्रतिमा सहित पालकी गर्भगृह के दक्षिण द्वार से प्रवेश कराकर गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। पालकी व चल प्रतिमा विश्वनाथ मंदिर में शयन आरती के बाद टेढ़ीनीम महंत आवास वापस आ जाएगा।
गौरा की पालकी यात्रा 27 फरवरी को महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। यहां से नवग्रह मंदिर होते हुए विश्वनाथ गली, साक्षी विनायक, ढुंढिराज गणेश से अन्नपूर्णा मंदिर के सामने से विश्वनाथ मंदिर में पहुंचेगी। जहां, बाबा की चल प्रतिमा सहित पालकी गर्भगृह के दक्षिण द्वार से प्रवेश कराकर गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। पालकी व चल प्रतिमा विश्वनाथ मंदिर में शयन आरती के बाद टेढ़ीनीम महंत आवास वापस आ जाएगा।
