शाइन सिटी : राशिद नसीम की दौलत दबाने वालों की खुलेगी कुंडली, डकार गए रकम; ठगी की बदौलत फर्श से अर्श पर पहुंचे
Varanasi News: ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि लगभग 80 प्राथमिकी की जांच में यह सामने आया कि राशिद नसीम का पैसा दबाने वालों की संख्या अधिक है। बैंक खाते और पीड़ितों के बयान को आधार बनाकर आरोपियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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Shine City News: जमीन और लुभावनी स्कीम के जाल में फंसाकर हजारों निवेशकों के अरबों रुपये हड़पने वाले शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर राशिद नसीम की गिरफ्तारी के बाद ईडी उसकी दौलत दबाने वालों की भी कुंडली खोलेगी।
यदि राशिद नसीम को रिमांड पर लेकर पूछताछ हुई तो कई लोगों के नाम सामने आएंगे, जिन्होंने बिचौलियों की भूमिका निभाते हुए एजेंटों और किसानों का पैसा हजम किया। शाइन सिटी के पैसे से कई सफेदपोश और काॅलोनाइजर फर्श से अर्श पर पहुंच गए।
लखनऊ जेल में बंद शाइन सिटी इंफ्रा के स्थानीय निदेशक मंडुवाडीह के सिंधुरिया कॉलोनी निवासी अमिताभ श्रीवास्तव की पर्सनल असिस्टेंट, पीआरओ और स्थानीय जमीन कारोबारियों को निशाने पर लिया जाएगा।
सिगरा के छित्तूपुर निवासी एक काॅलोनाइजर का नाम अमिताभ श्रीवास्तव ने पूर्व में ईओडब्ल्यू की पूछताछ में लिया था, लेकिन ठोस साक्ष्य के अभाव में उक्त काॅलोनाइजर पर पुलिस हाथ नहीं डाल पाई थी। अमिताभ श्रीवास्तव और उसकी पत्नी मीरा श्रीवास्तव दोनों जेल में हैं। चौकाघाट जेल से लखनऊ जेल ट्रांसफर हुए हैं। एक-एक आरोपी पर 35 से 40 प्राथमिकी दर्ज हैं। जमानतदार के अभाव में रिहा नहीं हो पा रहे हैं।
आजमगढ़ के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि तक की हुई थी गिरफ्तारी
शाइन सिटी पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने जांच के क्रम में दिसंबर 2023 में आजमगढ़ लालगंज के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि उद्धव सिंह उर्फ सोनू की गिरफ्तारी की थी। आरोप रहा कि 500 करोड़ रुपये वसूलने के साथ ही सोनू ने उत्तर प्रदेश, मुंबई और गुजरात में कई कमर्शियल प्लॉट और प्रॉपर्टी खरीदी थीं। सोनू सिंह ने लखनऊ से ही शाइन सिटी का कारोबार पूरे पूर्वांचल में फैलाया था।
शाइन सिटी का प्रमोटर नेपाल में भी पकड़ा गया था
जमीन की बुकिंग कराने वाले एजेंटों को कार उपहार में देने वाले राशिद नसीम 2017 के दौरान नेपाल में पकड़ा गया था। वह जेल में बंद रहा। उसी समय उसे जेल से रिहा कराने के लिए वाराणसी से गोरखपुर तक मजबूत पैरवी हुई थी। इस बीच शाइन सिटी के मिर्जामुराद प्रोजेक्ट में जमकर ठगी हुई। इसके बाद से ही राशिद नसीम पर प्राथमिकी दर्ज होनी शुरू हुई तो उसके इनर सर्किल में शामिल लोगों ने रुपये हड़पने के साथ ही जमीन भी हड़प ली।
