Sigra Sports Stadium: बैडमिंटन शुल्क में 400 फीसदी की बढ़ोतरी, खिलाड़ी परेशान; छह कोर्ट पर होता है प्रशिक्षण
Varanasi News: वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में करीब 400 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। स्टेडियम के छह कोर्ट पर नियमित प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों और अभिभावकों में इसे लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अचानक शुल्क बढ़ने से आर्थिक बोझ बढ़ गया है और कई खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
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सिगरा स्टेडियम के इंडोर हॉल में तीन महीने बाद बैडमिंटन शुल्क तय हुआ है। स्मार्ट सिटी ने शुल्क एक हजार रुपये से बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया है। यह बढ़ोतरी 400 फीसदी की है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट दिखाने पर इसमें 20 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।
स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र ने बताया कि सिगरा के इंडोर हॉल में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलेगा। एक महीने का शुल्क चार हजार है जबकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को इसमें छूट दी जाएगी। सिगरा स्टेडियम के खिलाड़ी निखिल ने बताया कि सरकार एक तरफ तो खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजना बना रही है। दूसरी ओर ट्रेनिंग भी महंगी होती जा रही है।
पहले सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों को आसानी से प्रवेश मिल जाता था लेकिन आज ऐसा नहीं है। पिछले तीन महीने से खिलाड़ी खेल विभाग और स्मार्ट सिटी के अलावा नगर निगम का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खेलने को नहीं मिल रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी अर्चना ने बताया कि यह शुल्क बढ़ोतरी ज्यादा है। खेल में गरीब घर के खिलाड़ी आते हैं जिनके पास ठीक से जूते भी नहीं होते ऐसे में इतना शुल्क कोई सामान्य परिवार का खिलाड़ी खेलने के लिए नहीं दे पाएगा।
सिगरा स्टेडियम में शुल्क की किचकिच: सिगरा स्टेडियम पुनर्निर्माण के बाद स्मार्ट सिटी वहां से जाने का नाम नहीं ले रहा है। खेल विभाग से एक-एक अधिकार छीनकर एक कंपनी को सौंपा जा रहा है। फेज एक खेल विभाग का है जबकि फेज-2 और तीन साई सेंटर का है। फेज एक में इंडोर हॉल, मल्टीपरपज हॉल, स्वीमिंग, क्रिकेट, फुटबॉल और आउटडोर में बास्केटबॉल और टेनिस का एक-एक कोर्ट है। तैराकी के शुल्क लेकर भी स्मार्ट सिटी और खेल विभाग के बीच खींचतान चल रही है।
इसका निर्माण स्मार्ट सिटी की ओर से एमएचपीएल ने कराया है। उद्घाटन के एक साल बाद भी इसका हस्तांतरण खेल विभाग को नहीं हुआ। खेल विभाग ने एक हजार शुल्क निर्धारित किया है। हमें शुल्क बढ़ाने की जानकारी नहीं है। - नवीन सिंह, जिला क्रीड़ाधिकारी