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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   1000 youths defrauded crores 19 arrested transactions worth 4 crore in mastermind account in varanasi

UP: 1000 युवाओं से करोड़ों की ठगी, 19 अरेस्ट, मास्टरमाइंड के खाते में 4 करोड़ का लेनदेन; 300 ट्रेनी मुक्त

Sat, 11 Jul 2026 11:14 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 11 Jul 2026 11:14 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में पुलिस ने 1000 से अधिक बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के चंगुल से 300 ट्रेनी मुक्त कराए गए। जांच में सामने आया कि सात महीने में मास्टरमाइंड के खाते में चार करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। ट्रेनी बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश के थे।

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1000 youths defrauded crores 19 arrested transactions worth 4 crore in mastermind account in varanasi
साइबर पुलिस ने आरोपियों को किया अरेस्ट। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi Crime: मल्टीलेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड चेन स्कीम चलाकर 1000 से अधिक बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया। पुलिस ने रोहनिया से मास्टरमाइंड समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही रोहनिया स्थित एक भवन से 300 प्रशिक्षु युवक-युवतियों को मुक्त कराया। पुलिस के अनुसार, मास्टरमाइंड के बैंक खातों में पिछले सात महीनों में 4 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

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पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को एडीसीपी साइबर नृपेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य संचालक बिहार के जमुई जिले के खुरंडा, सिमुलतला निवासी दीपक कुमार शाह, जौनपुर के बरसठी थाना क्षेत्र के कटवार निवासी सूरज यादव, उत्कर्ष सिंह तथा बिहार के सीतामढ़ी जिले के वासपट्टी, मधुबन वासा निवासी मो. सईद अकरम शामिल हैं। 
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इसके अलावा बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंगिया निवासी दीपक, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर, करारागंज निवासी जितेंद्र कुशवाहा, प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के राजापुर रोनिया निवासी वीरेंद्र प्रसाद वर्मा, झांसी के बरुआसागर थाना क्षेत्र के इटवा खुर्द निवासी अभिषेक अहिरवार, बिहार के मधुबनी जिले के अंधरावाड़ी निवासी सत्येंद्र कुमार यादव उर्फ संतन भी गिरफ्तार हैं। 

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साथ ही मधुबनी के लौकी कक्करडोब निवासी कन्हैया कुमार शाह, बिहार के नालंदा जिले के बारा बेन निवासी मोनू कुमार, समस्तीपुर के सरायरंजन, जीतवारपुर निवासी मो. सोनू, नवादा के मेसकौर निवासी राकेश कुमार, सीतापुर के सिंधौली निवासी रोहित को पकड़ा गया है। 

इसके अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर के बरैठा निवासी विवेक कुमार सिंह, मथुरा के जोगसना निवासी भगवान दास उर्फ अर्जुन, बिहार के कटिहार जिले के फलका निवासी मो. शहबाज, जहानाबाद के हुलासगंज निवासी पिंकू कुमार तथा नालंदा जिले के इस्लामपुर, बराडीमठ निवासी गोलू कुमार उर्फ शिवशंकर को भी गिरफ्तार किया गया।

कॉर्पोरेट ऑफिस की आड़ में चल रहा था खेल : एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि ‘साइबर वज्र’ अभियान के तहत युवक-युवतियों को सुरक्षित निकाला गया। यह गिरोह ‘महादेव इंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी कंपनी चला रहा था। साथ ही ‘रॉयल हेल्थ इंडिया रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एमएलएम कंपनी की फ्रेंचाइजी भी ले रखी थी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के जतनबर इलाके में एक आलीशान कॉर्पोरेट ऑफिस खोला गया था। यहीं से ठगी के पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।

गिरोह के सदस्य बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे। उन्हें फोन कर वाराणसी स्थित ऑफिस में नौकरी का झांसा दिया जाता था। ऑफिस वर्क या डाटा एंट्री के नाम पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन का लालच दिया जाता था। जब युवा वाराणसी पहुंचते थे, तो उन्हें बंधक जैसे माहौल में रखा जाता था। जॉइनिंग फीस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रति व्यक्ति 30 से 35 हजार रुपये वसूले जाते थे। बदले में केवल 1000 से 2000 रुपये की सामान्य किट दी जाती थी। 

1000 youths defrauded crores 19 arrested transactions worth 4 crore in mastermind account in varanasi
आरोपियों के पास से बरामद सामान। - फोटो : संवाद

दीपक शाह के बैंक खातों में आए चार करोड़ : एडीसीपी साइबर नृपेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं का मनोवैज्ञानिक तरीके से ब्रेनवॉश किया जाता था। उन्हें लग्जरी लाइफस्टाइल का लालच देकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। हर व्यक्ति पर तीन नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। ऐसा न करने पर वेतन न देने और जमा रकम वापस न करने की धमकी दी जाती थी।

पूरब से ठगी की शुरुआत कर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा था महादेव गिरोह
विदेश घुमाने, ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कारों का मालिक बनाने तथा अथाह दौलत का सपना दिखाकर युवक-युवतियों से ठगी की गई। आरोपियों ने ओडिशा, झारखंड, बिहार और पूर्वांचल के कई जिलों के लोगों को मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड चेन स्कीम के नाम पर अपने जाल में फंसाया।

महादेव इंटरप्राइजेज नाम से एक फर्जी कंपनी और रॉयल हेल्थ इंडिया रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड की एमएलएम फ्रेंचाइजी की शुरुआत बिहार से की गई। बिहार और झारखंड में 2000 से अधिक युवक-युवतियों को जोड़ने के बाद कंपनी ने वाराणसी को अपना अगला केंद्र बनाया। इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। कंपनी की अगली योजना प्रयागराज के रास्ते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नेटवर्क का विस्तार करने की थी।

महादेव इंटरप्राइजेज का मुख्य संचालक बिहार के जमुई निवासी दीपक कुमार शाह बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 31 वर्षीय दीपक ने चार राज्यों में 2000 से अधिक लोगों का नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह बेरोजगार युवक-युवतियों को झांसा देकर उन्हें इस कथित धोखाधड़ी के नेटवर्क से जोड़ रहा था।

साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया है कि दीपक शाह के अलावा भी कई अन्य लोग इस गिरोह से जुड़े थे और इसके संचालन में सहयोग कर रहे थे। पुलिस दीपक के व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों के लेनदेन का विवरण खंगाल रही है। जांच में कई अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी सूची तैयार की जा रही है।

आरोपियों के पास एंड्राॅयड और आईफोन समेत 20 मोबाइल बरामद हुए
विभिन्न कंपनियों के एंड्राॅयड व आईफोन समेत 20 मोबाइल बरामद हुए, जिनमें ठगी से संबंधित चैट और ऑडियो वॉइस मौजूद हैं। एक लैपटॉप, दो कार, 4020 रुपये, बैंक खाते में एक लाख रुपये होल्ड किए गए। महादेव इंटरप्राइजेज के ऑफिस से कई जरूरी और संदिग्ध कॉर्पोरेट दस्तावेज बरामद हुए।

आकर्षक और फर्जी विज्ञापनों से सावधान रहें। बिना किसी प्रामाणिक जानकारी के परीक्षा सीधे भर्ती या घर बैठे मोटी कमाई जैसे झांसों में न आएं। जॉइनिंग फीस के नाम पर पैसा न दें, कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी नौकरी या ट्रेनिंग के नाम पर अग्रिम धनराशि या जॉइनिंग किट के पैसे नहीं मांगती। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त

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