Sports News: थाईलैंड में लहराया तिरंगा, अश्विन और शिवानी ने जीते स्वर्ण पदक; ताइक्वांडो में शानदार प्रदर्शन
Jaunpur News: थाईलैंड के पटाया में 31 जुलाई से दो अगस्त तक आयोजित नौवीं हीरोज इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में अश्विन कुमार पांडेय और शिवानी पांडेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। 35 से अधिक देशों के खिलाड़ियों के बीच दोनों ने गोल्ड जीतकर भारत का तिरंगा लहराया और देश का गौरव बढ़ाया।
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भारत के लिए गर्व का क्षण तब आया जब डब्ल्यूडब्ल्यूएसएल इंडिया के होनहार ताइक्वांडो खिलाड़ी अश्विन कुमार पांडेय और शिवानी पांडेय ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित नौवीं हीरोज इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 35 से अधिक देशों के करीब 4,000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
चैंपियनशिप में क्योरुगी, पूमसे, स्पीड किकिंग, ताइक्वांडो डांस और टैग टीम सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। दुनिया भर के खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले। अश्विन कुमार पांडेय ने सीनियर पुरुष अंडर-54 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, शिवानी पांडेय ने सीनियर महिला अंडर-53 किलोग्राम वर्ग में दमदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान उत्कृष्ट तकनीक, अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंका, वियतनाम समेत कई देशों के मजबूत खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देते हुए फाइनल मुकाबले में जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया।
प्रतियोगिता में भारतीय टीम के साथ कोच आदर्श और अभिमन्यु भी मौजूद रहे। दोनों कोचों के मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।
शिवानी पांडेय वर्तमान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एमए (समाजशास्त्र) की छात्रा हैं, जबकि अश्विन कुमार पांडेय बीकॉम ऑनर्स के छात्र हैं। दोनों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डब्ल्यूडब्ल्यूएसएल इंडिया, उनके परिवार, कोच, समर्थकों और पूरे भारतीय ताइक्वांडो समुदाय में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए इसी तरह पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाते रहेंगे।