युद्ध से संकट: इलाज का खर्च भी होगा महंगा, 20% तक बढ़ सकते हैं सिरिंज और सर्जिकल उत्पादों के दाम
Varanasi News: युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में उथल-पुथल का असर अब स्वास्थ्य से संबंधित सामग्री के दामों पर पड़ सकता है। ऐसे में 20% तक सिरिंज और सर्जिकल उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं।
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पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के बाद वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल का असर अब सीधे तौर पर अस्पतालों और मरीजों की जेब पर पड़ने जा रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में अस्थिरता के कारण प्लास्टिक और पॉलिमर आधारित चिकित्सा उत्पादों जैसे कि सिरिंज, ग्लव्स और अन्य सर्जिकल उपकरणों के दामों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। स्टॉकिस्टों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कुछ ही दिनों में इलाज का खर्च 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
सप्तसागर दवा विक्रेता समिति से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सप्तसागर दवा मंडी में दवाओं के साथ ही सर्जिकल उत्पादों का बड़ा बाजार है। यहां से यूपी और बिहार में हर महीने 50 करोड़ से अधिक के सर्जिकल उत्पादों की सप्लाई होती है। इन उत्पादों की एमआरपी बढ़ने से अस्पतालों में ऑपरेशन में होने वाला खर्च बढ़ जाएगा।
सप्तसागर दवा मंडी के स्टॉकिस्ट अभिषेक गुप्ता बताते हैं कि सर्जिकल उत्पादों के निर्माण में बड़े पैमाने पर विशेष ग्रेड के प्लास्टिक और रसायनों का उपयोग होता है, जिनका सीधा संबंध कच्चे तेल से है। खाड़ी देशों में तनाव के कारण इन कच्चे मालों की आपूर्ति शृंखला बाधित हो गई है। इसके अलावा, समुद्री रास्तों में बढ़ते जोखिम के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस चार्ज भी बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर लागत पर पड़ रहा है।
नए बैच से बढ़ेगी एमआरपी
बाजार के बड़े स्टॉकिस्टों और सप्लायर्स का कहना है कि वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक तो पुरानी कीमतों पर बेचा जा रहा है, लेकिन कंपनियों का कहना है कि अगले बैच से एमआरपी में संशोधन किया जाएगा। सिरिंज, आईवी सेट्स, कैनुला, सर्जिकल ग्लव्स और पट्टियों जैसे रोजमर्रा के मेडिकल उत्पादों की कीमतों में वृद्धि तय मानी जा रही है। थोक विक्रेताओं के अनुसार, कई बड़ी कंपनियों ने अपने नए रेट कार्ड तैयार करने शुरू कर दिए हैं। कबीरचौरा स्थित एक दवा विक्रेता आशुतोष गुप्ता बताते हैं कि जो सिरिंज वर्तमान में 5 से 10 रुपये में मिलती है, उसकी कीमत में 2 से 3 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।
क्या बोले दवा विक्रेता समिति के महामंत्री
वैश्विक संकट का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। कच्चे माल की कमी और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से सर्जिकल इंडस्ट्री पर दबाव है। नए स्टॉक के आने के साथ ही मरीजों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ेगा। -संजय सिंह, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति