विश्वनाथ मंदिर: सुगम दर्शन, आरती, रुद्राभिषेक कराने पर जमा होगा आधार; इन भक्तों को सुविधा होगी
Varanasi News: काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। यहां अब क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण के हिसाब से भक्तों के लिए पूजन व्यवस्था की जाएगी। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन इसके लिए एक एप आधारित दर्शन प्रणाली विकसित की जा रही है।
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Kashi Vishwanath Mandir: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार से सुगम दर्शन, अभिषेक और मंगला आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधार विवरण देना अनिवार्य किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की बेहतर व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्रा के अनुसार, न्यास के माध्यम से विशेष सेवाओं के लिए आने वाले सभी भक्तों का आधार नंबर और आवश्यक विवरण दर्ज किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे उनके क्षेत्रीय और भाषाई आधार पर वर्गीकरण में सुविधा होगी। इससे भविष्य में एप आधारित दर्शन-पूजन प्रणाली को विकसित करने में मदद मिलेगी और विभिन्न भाषाओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति भी संभव हो सकेगी।
भीड़ का होगा प्रबंधन
उन्होंने बताया कि मंदिर प्रशासन एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जिसके जरिए श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इस डेटा के उपयोग से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और समन्वय को बेहतर बनाया जा सकेगा। नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत एक मई के बाद की जा रही है।
हालांकि, मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल केवल विशेष सेवाओं—जैसे सुगम दर्शन, अभिषेक और मंगला आरती—के लिए लागू होगी। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क दर्शन की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के दर्शन कर सकेंगे।
इसके अलावा, काशीवासियों के लिए विशेष द्वार से सुबह और शाम निशुल्क दर्शन की व्यवस्था भी यथावत जारी रहेगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्रदान करना, उनकी विविधता को समझना और सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।
