Buddha Purnima 2026: सारनाथ पहुंचे 12 देशों और आठ राज्यों के अनुयायी, बुद्ध के अस्थि अवशेष के दर्शन
Varanasi News: वाराणसी के सारनाथ में पंचशील के झंडे लहरा रहे हैं और विद्युत झालरों से पूरा परिसर आलोकित हो उठा है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन के लिए दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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Buddha Purnima 2026: विश्व में बढ़ती अशांति के बीच शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ से शांति और करुणा का संदेश दिया जाएगा। 12 देशों और आठ राज्यों से बौद्ध अनुयायी बृहस्पतिवार देर शाम तक यहां पहुंच चुके हैं। मूलगंध कुटी विहार परिसर सहित विभिन्न बौद्ध मंदिरों को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है।
वैशाख पूर्णिमा का दिन भगवान बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं से जुड़ा है। एक उनका जन्म, दूसरा ज्ञान प्राप्ति और तीसरा महापरिनिर्वाण। देश-विदेश से श्रद्धालु दो दिन पहले से ही काशी और सारनाथ पहुंचने लगे थे। बृहस्पतिवार तक अधिकांश अनुयायी पहुंच गए और अपने-अपने देशों के मंदिरों में पूजन-अर्चन किया।
शुक्रवार को सुबह से ही दर्शन-पूजन का क्रम शुरू होगा। बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन करेंगे, जो साल में सिर्फ दो बार ही आम दर्शन के लिए रखे जाते हैं। कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, लाओस, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, मलयेशिया, कोरिया, तिब्बत और भूटान सहित कई देशों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी आए हैं।
विश्व शांति के लिए विशेष पूजा
मूलगंध कुटी विहार में बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम होंगे। भिक्षु चंदिमा महाथेरो के अनुसार, सुबह 6 से 11 बजे तक तथागत बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन होंगे। दोपहर 12 से 3 बजे तक धम्म सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम 4 बजे डॉ. आंबेडकर स्मारक स्थल (कचहरी) से सारनाथ तक धम्म यात्रा निकाली जाएगी, जबकि शाम 6 बजे धम्मदेशना का आयोजन होगा। इसके अलावा सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चिकित्सा शिविर और महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया परिसर में सामूहिक भोजन दान कार्यक्रम सुबह से रात 10 बजे तक चलेगा।
हिमालय की आध्यात्मिक आभा पर प्रदर्शनी
केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के शांत रक्षित पुस्तकालय में प्रसिद्ध कलाकार हरि दर्शन सांख्य की चित्र प्रदर्शनी हिमालय: द सेक्रेड साइलेंस ऑफ स्पिरिचुअलिटी एंड पीस का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमालय के धार्मिक स्थलों पर आधारित 108 चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। उद्घाटन संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोरजी नेगी करेंगे।
