UP: फायरिंग, लूट के तीन आरोपियों को ‘यक्ष’ ने पहुंचाया जेल, यूपी में पहली कार्रवाई; तीन घंटे में लिया एक्शन
Varanasi News: वाराणसी मंडल में तीनों आरोपियों की पहचान तीन घंटे के भीतर कर ली गई और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। साथ ही कोर्ट ने जेल भेजा। लूट की बाइक और पीड़ित का मोबाइल भी बरामद किया गया।
विस्तार
Varanasi Crime: यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण के सबसे बड़े नवाचार यक्ष एप ने फायरिंग और लूट के तीन आरोपियों को जेल पहुंचाया। वाराणसी परिक्षेत्र की जौनपुर पुलिस ने तीन घंटे में आरोपियों की पहचान कर ली।
यक्ष एप पर अपराधियों का आंकड़ा फीड करने के दौरान वाराणसी परिक्षेत्र की पूरे यूपी में पहली कार्रवाई है। 11 मार्च की रात 9 बजे जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र के संचालक प्रेमचंद्र यादव को गोली मारकर अपराधियों ने 90 हजार रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए थे। यक्ष एप से पता लगाया गया कि घटनास्थल के आसपास कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जांच के लिए टीमें भेजी गईं और इन फुटेज में से कुछ संदिग्धों की पहचान की गई।
घटना स्थल तक पहुंचने और घटना के बाद भागने के लिए अपराधियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाया गया। अपराधियों के संभावित मार्गों के आधार पर तीन पुलिस थाना क्षेत्र (केराकत, चंदवक और गौरबादशाहपुर थाना) ऐसे थे, जहां से अपराधी आ सकते थे। यक्ष एप से इन तीन थाना क्षेत्रों में रहने वाले 232 अपराधियों का विवरण निकाला गया और अपराधियों के चेहरे पीड़ितों को दिखाए गए।
पुलिस ने की कार्रवाई
विश्लेषण के आधार पर कुछ ही घंटों में असलहे से लूटपाट करने वाले तीन अपराधियों व उनके पते, फोटो और आपराधिक इतिहास समेत की सटीक पहचान कर ली गई। यक्ष एप में अपराधियों की तीन कोणों से ली गई तस्वीरों का डेटा है, इसलिए पीड़ित ने अपराधियों की आसानी से पहचान कर ली। रात 9 बजे की घटना थी।
एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, एएसपी गोल्डी गुप्ता और एएसपी (यूटी) श्रुष्टि जैन ने यक्ष एप की मदद से अपराध को खेल की तरह सुलझा लिया।
यक्ष एप की एक बहुत ही रोचक विशेषता यह है कि प्रत्येक अपराधी को एक आपराधिक आईडी आवंटित की गई है, जिससे अब आपराधिक आईडी के आधार पर विभिन्न जिलों के बीच अपराधियों का विवरण साझा किया जा सकता है।
रजिस्टर नंबर आठ की खत्म हो गई उपयोगिता
डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि यक्ष एप यूपी पुलिस के सबसे बड़े नवाचारों में से है। खासियत यह है कि यह सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की पहचान कर सकता है और सिर्फ एक क्लिक से किसी खास जिले या पुलिस स्टेशन के सभी अपराधियों का विवरण दे सकता है।
घटनास्थल के क्षेत्र में अपराधों और अपराधियों का विवरण जानने के लिए घटनास्थल के गांव व कस्बे की ग्राम अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा अब एक तकनीकी समाधान से बदल गई है, जिसमें राज्यव्यापी अपराधियों का डेटा है। एक क्लिक पर अपराधियों का डेटा खुल जा रहा है।
जौनपुर पुलिस ने यक्ष एप से लूट, फायरिंग की घटना का पर्दाफाश किया। अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है। - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज, वाराणसी