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Ambikapur News: रामगढ़ महोत्सव के समापन में पहुंचे CM साय, बोले- पहली बार कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल पर आया
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Tue, 30 Jun 2026 06:08 PM IST
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक सीता बेंगरा तथा जोगीमारा गुफाओं का दर्शन किया। उन्होंने क्षेत्र के पौराणिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पवित्र भूमि पर व्यतीत किया था।
मुख्यमंत्री साय ने रामगढ़ महोत्सव के सफल आयोजन पर क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हसदेव में कोयला उत्खनन पर बोले मुख्यमंत्री
हसदेव क्षेत्र में कोयला उत्खनन से पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोगों को इस भ्रम से बाहर आना चाहिए कि विकास कार्यों से केवल पर्यावरण को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है, जो राज्य की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैम्पा योजना के तहत वन विभाग द्वारा लगातार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान तथा कैम्पा योजना के माध्यम से राज्य में अतिरिक्त 2.5 प्रतिशत क्षेत्र को हरित आवरण से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की उद्योग नीति के तहत यदि किसी औद्योगिक परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई की जाती है तो संबंधित उद्योग को उसके बदले कहीं अधिक संख्या में पौधे लगाने अनिवार्य होते हैं।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई विकास कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई अपरिहार्य होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के चौड़ीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें आसमान में नहीं बन सकतीं, इसलिए आवश्यकतानुसार पेड़ काटने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों से आग्रह किया कि वे राज्य की उद्योग नीति और विकास की आवश्यकताओं को समझने के बाद ही इस विषय पर टिप्पणी करें।
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