सरगुजा जिला में अंबिकापुर शहर के हृदय स्थल राम मंदिर क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक प्लास्टिक और पटाखा दुकान में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि 5 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। इस भीषण आगजनी में आसपास के 8 और मकान इसकी चपेट में आ गए है।दमकल और एस डी आर एफ की टीम आग बुझाने लगातार प्रयासरत है, लेनिक अब तक काबू नहीं पाया जा सका है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राम मंदिर के पास स्थित मुकेश प्लास्टिक और पटाखा दुकान में गुरुवार की दोपहर 12 बजे वेल्डिंग करने के दौरान निकलने वाली चिंगारी से दुकान में आग लग गई, पहले तो वेल्डिंग करने वाले कर्मचारी और घर के लोग अपने संसाधन से आग बुझाने की कोशिश किए, लेकिन आग देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। दुकान के भीतर रखे पटाखों में लगातार हो रहे धमाकों के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरी बिल्डिंग इसकी चपेट में आकर जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की तीव्रता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को भी बुलाया गया, जो दमकल कर्मियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में जुटी रही। घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने के कारण आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी।
पटाखों के विस्फोट और घने धुएं से दहला इलाका-
लगातार हो रहे पटाखों के विस्फोट और घने धुएं से पूरा इलाका दहल गया। वहीं घने धुएं के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
2 मंजिला इमारत खाक, 12 किमी दूर तक दिखा धुएं का गुबार
मुकेश प्लास्टिक की होलसेल दुकान में गुरुवार को भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्लास्टिक सामग्री और पटाखों के बड़े भंडारण के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और महज एक घंटे के भीतर दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें आस-पास के प्रमोद पाडे, प्रताप पांडेय, अंसारी जी, उमर दराज अली, मूला जी, पवन जैन सहित अन्य 8 लोगों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया, इन घरों में भी आग लग गई है, फायर बिग्रेड की टीम आग बुझाने में लगी हुई है।बताया जा रहा है कि दुकान में लाखों रुपये मूल्य के प्लास्टिक सामान और पटाखे रखे हुए थे। प्लास्टिक सामग्री के जलने के बाद पटाखों में आग लग गई, जिससे लगातार तेज धमाके होते रहे। आग इतनी भीषण थी कि करीब 12 किलोमीटर दूर से धुएं का घना गुबार दिखाई दे रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। अब तक करीब 30 टैंकर पानी डाला जा चुका है, इसके बावजूद आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घनी आबादी वाले इलाके में आग लगने के कारण प्रशासन की प्राथमिकता आसपास के घरों को सुरक्षित करना रही। एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को खाली करा लिया ग या है।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आसपास के घरों को खाली करा दिया गया है और अगले दो घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लेने की संभावना है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्रामपुर, सूरजपुर, दरिमा एयरपोर्ट और अंबिकापुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाई गई हैं। मंत्री ने कहा कि शहर की संकरी गलियों में फायर ब्रिगेड के पहुंचने में दिक्कत होती है, इसलिए नागरिकों को सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने इस घटना को प्रशासन की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण गंभीर खतरा पैदा करता है और प्रशासन की चूक के कारण ही आग ने इतना बड़ा रूप ले लिया।