बालोद जिले के नवगठित नगर पंचायत पलारी में पहली बार होने जा रहे ऐतिहासिक नगर पंचायत चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। चुनावी दंगल में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए अपने पत्ते पूरी तरह खोल दिए हैं, वहीं मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेमे में अध्यक्ष पद के चेहरे को लेकर अब भी संशय और खींचतान की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस से यानेश साहू होंगे अध्यक्ष पद के उम्मीदवार
नवगठित नगर पंचायत में पहले नेतृत्व के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने और जमीनी कार्यकर्ता यानेश साहू को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने सभी 15 वार्डों के लिए अपने पार्षद उम्मीदवारों के नामों का भी एलान कर दिया है। यानेश साहू लंबे समय से क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर संघर्ष करते रहे हैं, जिसका इनाम पार्टी ने उन्हें नेतृत्व सौंपकर दिया है।
टिकट मिलने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए यानेश साहू ने कहा:
पलारी एक नवनिर्मित नगर पंचायत है। इसे एक नई दिशा, सुनियोजित विकास और मजबूत अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) की सख्त जरूरत है। हम जनता के बीच किसी खोखले वादे के साथ नहीं, बल्कि बिजली, पानी, सड़क और सफाई जैसे मूलभूत विषयों को लेकर जाएंगे।
पलारी से होगी बदलाव की शुरुआत
प्रत्याशी यानेश साहू ने केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए इसे बदलाव का चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि आज महंगाई से आम जनता त्रस्त है। पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दाम राष्ट्रीय मुद्दा बन चुके हैं। जनता अब भारतीय जनता पार्टी के 'चाल, चरित्र और चेहरे' को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इस बार स्थानीय जनता कांग्रेस का साथ देगी और देश व प्रदेश में बदलाव की शुरुआत इसी पलारी नगर पंचायत से होगी।
कल होगा कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, दाखिल करेंगे नामांकन
चुनावी शंखनाद के बीच आज 18 मई को कांग्रेस पार्टी एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यानेश साहू सहित सभी 15 वार्डों के पार्षद प्रत्याशी आज गाजे-बाजे और कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम के साथ अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस नामांकन रैली में कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंकने जा रही है। आयोजन में बालोद जिले के तीनों विधायक, धमतरी विधायक सहित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के कई दिग्गज पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता शामिल होकर हुंकार भरेंगे। इस शक्ति प्रदर्शन के ठीक बाद कांग्रेस का धुआंधार चुनाव प्रचार अभियान शुरू हो जाएगा।
भाजपा खेमे में अंतर्विरोध; प्रदेश संगठन के पाले में गेंद
एक तरफ जहाँ कांग्रेस पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है, वहीं भाजपा में टिकट वितरण को लेकर आंतरिक मतभेद सतह पर आ गए हैं। भाजपा ने 15 वार्डों में से 14 पार्षदों की सूची तो जारी कर दी है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण 'अध्यक्ष पद' के प्रत्याशी के नाम पर पेंच फंस गया है। स्थानीय स्तर पर दावेदारों के बीच बढ़ते विवाद और असंतोष को देखते हुए जिला संगठन ने संभावित नामों की एक सूची (पैनल) तैयार कर प्रदेश भाजपा आलाकमान को सौंप दी है। अब पलारी के रण में भाजपा का सेनापति कौन होगा, इसका अंतिम फैसला रायपुर मुख्यालय से होना तय है। अध्यक्ष पद पर जारी इस सस्पेंस के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं में फिलहाल ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।