प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव (टी.एस. सिंहदेव) रविवार को बालोद जिले के संगठनात्मक प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष, स्थानीय विधायक, बूथ अध्यक्ष और पार्षदों के निवास जाकर सौजन्य मुलाकात की और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम ने कवर्धा में हुए हालिया दुष्कर्म मामले और देश की वर्तमान आर्थिक व विदेश नीति को लेकर राज्य व केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए।
अपराधियों में कानून का डर होना सबसे जरूरी
कवर्धा में सामने आए दुष्कर्म के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ दुष्कर्म के मामलों में देश के दूसरे या तीसरे पायदान पर पहुंच गया है, जो राज्य के लिए बेहद चिंताजनक और दयनीय स्थिति है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, दुनिया में ऐसा होना संभव नहीं है कि कोई भी व्यक्ति दुष्कर्मी न हो, लेकिन प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि गलत काम करने वाले के मन में सजा का खौफ हो। जब तक कानून का कड़ा डर नहीं होगा, अपराधी बेखौफ रहेंगे। एक सख्त और संवेदनशील व्यवस्था से ही गलत करने वाला सहमेगा और अपराध करने से पहले सौ बार सोचेगा।
इस दौरान उनके साथ संजारी बालोद की विधायिका संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, ब्लॉक अध्यक्ष किशोर साहू, ओंकार महमल्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गलत नीतियों के कारण देश में ईंधन संकट, 40 फीसदी तक की कटौती
देश में गहराते ईंधन संकट और वैश्विक परिस्थितियों पर केंद्र सरकार की विफलता को रेखांकित करते हुए सिंहदेव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध छिड़ने के समय सरकार जल्द स्थिति सुधरने की डींगें हांकती रही, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। समुद्र मार्ग से ईंधन की आवाजाही प्रभावित होने के कारण देश में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत गैस और तेल आयात करता है। सरकार की दूरदर्शिता की कमी का खामियाजा अब राज्यों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने अपना निजी उदाहरण साझा करते हुए बताया कि सरगुजा और कोरबा अंचल के लोगों को अब ईंधन के लिए रायपुर डिपो पर निर्भर होना पड़ रहा है। सिंहदेव ने कहा, मेरे स्वयं के पेट्रोल पंप पर जहां महीने में 5 टैंकर की सप्लाई होती थी, उसे घटाकर अब केवल 3 टैंकर कर दिया गया है। सीधे तौर पर 40 प्रतिशत तक ईंधन की कटौती हुई है। उन्होंने तंज कसा कि खराब विदेश नीति का परिणाम आम जनता भुगत रही है, जिसे एक बार फिर पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। भारत के नागरिकों के लिए नियम और परिस्थितियां विदेशी सरकारें तय कर रही हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता।
कार्यकर्ता बहाते हैं पसीना, नाम नेताओं का होता है।
अपने इस औचक दौरे के संबंध में सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति या विशेष चुनावी योजना नहीं है। वह केवल अपने कार्यकर्ताओं का हाल-चाल जानने और उनसे संवाद करने निकले हैं। जमीनी कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने भावुक अंदाज में कहा, ग्राउंड पर रहकर असली मेहनत और खून-पसीना कार्यकर्ता बहाते हैं, लेकिन श्रेय और नाम हम जैसे नेताओं का होता है। जब नेता सीधे कार्यकर्ताओं के घर पहुंचते हैं, तो उनका मनोबल बढ़ता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कामकाज के प्रति आम जनता में भारी नाराजगी है और आगामी समय में जमीनी कार्यकर्ताओं की यह एकजुटता रंग लाएगी।