जांजगीर-चांपा जिले में सड़क बदहाली को लेकर हुए चक्का जाम मामले में अब पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। कोतवाली पुलिस ने विधायक व्यास कश्यप सहित 12 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया। हालांकि मामला जमानती होने के चलते सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
दरअसल, 30 जून 2025 को जर्वे-पीथमपुर रोड की जर्जर हालत को सुधारने की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने करीब छह घंटे तक जांजगीर-चांपा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। इस दौरान एक एम्बुलेंस को भी रोके जाने का आरोप लगा था।
एम्बुलेंस चालक की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसमें बताया गया कि 30 जून को शाम चार बजे एम्बुलेंस से मरीज लेकर अस्पताल जा रहा था। तभी खोखसा ओवरब्रिज पर रास्ता जाम था, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हुई थी। जिसपर पुलिस ने विधायक व्यास कश्यप सहित 12 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 191(2) और 126(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था।
इसी मामले में कोतवाली पुलिस के हवलदार राकेश तिवारी ने विधायक व्यास कश्यप और 12 अन्य आरोपियों को उनके कार्यालय में ही गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं इसपर विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि गिरफ्तारी से डरने का तो सवाल ही नहीं उठता। जनता के हक और उनकी आवाज की लड़ाई के लिए चाहे कितनी भी गिरफ्तारियां क्यों न हों, हम तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि यह मामला जांजगीर-पीथमपुर सड़क का है। आने वाले समय में नैला ओवरब्रिज सहित ऐसी कई सड़कें हैं, जिनके मामले आज भी मंत्रालय में लंबित हैं। ओवरब्रिज का मामला हो या रेलवे स्टॉपेज का मुद्दा पहले प्रशासन ने मई महीने में धरने के दौरान लिखित आश्वासन दिया था कि तय समय में काम होगा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। प्रशासन की यही उदासीनता छत्तीसगढ़ में, खासकर जांजगीर-चांपा में देखने को मिल रही है। यह दर्द जनता का है और हम जनता के साथ खड़े हैं।