सक्ती जिले में 23 वर्षीय युवती दिशा मरावी की जलने से हुई मौत ने झकझोर कर रख दिया है। मृतका की माँ मीना मरावी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को सुनियोजित साजिश के तहत ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले किया गया, जबकि नामजद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 11 झूलकदम निवासी मीना मरावी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाजंग में व्याख्याता हैं। वर्ष 2008 में पति से तलाक के बाद उन्होंने अपनी इकलौती बेटी दिशा का पालन-पोषण अकेले किया। 24 जनवरी 2026 की दोपहर उन्हें फोन पर सूचना मिली कि दिशा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में सक्ती के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बिलासपुर रेफर किया गया, जहां 1 फरवरी 2026 को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
माँ का आरोप है कि योगेन्द्र कुमार साहू, निवासी सकरेली कला (सक्ती), ने उनकी बेटी को होटल में बुलाकर उस पर तारपीन तेल डालकर आग लगा दी। इस मामले में महेन्द्र कुमार सिदार (आमापाली, सक्ती) और आशीष पटेल की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया है। मीना मरावी का कहना है कि अस्पताल ले जाते समय उनकी बेटी ने कथित रूप से पूरी घटना की जानकारी दी थी और बताया था कि बाराद्वार रोड स्थित एक ढाबा होटल में विवाद के बाद उसे आग के हवाले किया गया।
माँ ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या उनकी बेटी का मृत्यु पूर्व कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) दर्ज किया गया था या नहीं, और यदि किया गया तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों और होटल कर्मचारियों से पूछताछ को लेकर भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतका की माँ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से हस्तक्षेप की अपील करते हुए आरोप लगाया है कि उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और आदिवासी समुदाय से होने के कारण उनके साथ अन्याय हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।