राजनांदगांव जिले के सिंघोला स्थित माता भानेश्वरी में चैत्र नवरात्रि पर विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही हैं,ज्योति कलर्स की स्थापना अभी मंदिर में की गई है माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त यहां पहुंचते हैं और विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं यहां मांगी गई मन्नत है पूरी होती हैं,खास करके जो भी दंपति बच्चों के लिए मन्नत करता हैं,उनकी मनोकामना पूर्ण होती है,इसके साथ ही यहां ज्योति कलश को महिलाओं के द्वारा नहीं पुरुषों के द्वारा उठाया जाता हैं,मंदिर की अपनी एक अलग मानता है।
राजनांदगांव के ग्राम सिंघोला में मां भानेश्वरी माता का मंदिर है मंदिर में चैत्र नवरात्र पर्व पर विशेष पूजा अर्चना की जा रही हैं,माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं,राजनांदगांव ही नहीं बालोद दुर्ग भिलाई रायपुर और अन्य क्षेत्रों से लोग यहां पहुंचते हैं और अपनी मन्नत करते हैं,मंदिर में संतान के लिए मांगी गई मन्नत पूरी होती है मन्नत पूरी होने के बाद भक्तों द्वारा ज्योति कलश जलाई जाती है और माता की पूजा अर्चना की जाती है,बता दे की मां भानेश्वरी माता की मान्यता अपने आप में खास है,ग्रामीणों द्वारा ग्राम सिंघोला में निवास करने वाली मां भानेश्वरी को माता का दर्जा दिया गया है और उनकी पूजा अर्चना की आती है ग्रामीणों का कहना है की माता के समय से कई चीजे गांव में होती आई हैं विभिन्न प्रकार की परेशानियां इनके दर्शन मात्र से ही दूर होती हैं,मां भानेश्वरी माता का जन्म 1915 में हुआ था 1975 में उन्होंने समाधि ली,इस स्थल पर माता का मंदिर बनाया गया है यहां पहुंचने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं,मां भानेश्वरी माता मंदिर में माता हर मनोकामना पूर्ण करती है,राजनांदगांव ही नहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलग-अलग हिस्से और अन्य क्षेत्रों से भी लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं,पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है जो भी यहां मनोकामना करते हैं,वह मनोकामना पूर्ण होती है।