मेडिकल कॉलेज डिमरापाल (मेकाज) में बुधवार को विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पोस्टरों के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों को दस्त से बचाव, समय पर उपचार तथा ओआरएस और जिंक के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि बच्चों में होने वाले दस्त को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर ओआरएस और जिंक का उपयोग बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के साथ उनकी जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करने की सलाह भी दी गई।
डॉ. तुषार बेडविक ने बताया कि दस्त से होने वाली बाल मृत्यु दर को कम करने में ओआरएस एक प्रभावी, सुलभ और जीवनरक्षक उपाय है। उन्होंने कहा कि ऐसे जनजागरूकता अभियान समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद आवश्यक हैं। प्रत्येक परिवार को ओआरएस के सही और समय पर उपयोग की जानकारी होनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि दस्त शुरू होते ही बच्चे को ओआरएस देना डिहाइड्रेशन से बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही दस्त की रोकथाम, समय पर उपचार तथा ओआरएस और जिंक के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और संतुलित खानपान अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही बच्चों को दस्त से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। डॉ. बेडविक ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चे को दस्त होने पर बिना देरी किए ओआरएस देना शुरू करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।