कोंडागांव में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने अब ग्रामीण अंचलों में भी जागरूकता की नई लहर पैदा कर दी है। अब हर हाथ में मोबाइल कैमरा है और लोग विकास कार्यों पर नजर रख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत रेंगागोंदी भरी पारा से ग्राम केजंग घोड़ा पारा तक बन रही सड़क को लेकर सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चल रहे मरम्मत एवं डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय ग्रामीण ने निर्माण स्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें सड़क पर डामरीकरण के नाम पर केवल गिट्टी डालने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में आवश्यक ब्लैक ऑयल डामर का उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका दावा है कि सड़क की परत हाथ से ही उखड़ रही है, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
ग्रामीणों ने इसे डुप्लीकेट डामरीकरण बताते हुए ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र समझकर घटिया निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में दुर्घटनाओं और जनहानि का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। साथ ही दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सड़क का पुनः मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।