मानसून की पहली तेज बारिश में राजनांदगांव जिला अस्पताल का परिसर जलमग्न हो गया है। परिसर में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वहां खड़ी कई गाड़ियां आधी डूब गईं। करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल का प्लिंथ स्तर बढ़ाया गया था, ताकि वार्डों में पानी न घुसे।
बीते दिन से राजनांदगांव जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। देर रात भी शहर में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिसके बाद कई स्थानों पर जल निकासी प्रणाली की विफलता सामने आई। जिला अस्पताल परिसर में भी घुटनों तक पानी जमा होने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। यहां पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस और अन्य वाहनों को भी परिसर में आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, इस बार अस्पताल के वार्डों में पानी नहीं घुसा है लेकिन आने-जाने का मुख्य रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
जलभराव की समस्या
अस्पताल के प्लिंथ स्तर को बढ़ाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य अस्पताल के वार्डों को पानी से बचाना था, जिसमें सफलता मिली। परंतु, परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति बनी। तेज बारिश के कारण परिसर का पूरा क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ गया है।