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Workers and farmers protest in Greater Noida; stage 'Jail Bharo' agitation at the Collectorate over their demands.
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ग्रेटर नोएडा में मजदूर-किसानों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर किया जेल भरो आंदोलन
नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 04:29 PM IST
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ग्रेटर नोएडा। मजदूर, कर्मचारी, स्कीम वर्कर्स और किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं संयुक्त किसान सभा ने सोमवार को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह करीब 11 बजे से ही विभिन्न मजदूर और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी तथा किसान कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों की संख्या सैंकड़ों में पहुंच गई। क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में किसान एवं मजदूर आंदोलन में शामिल हुए।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां मजदूरों, किसानों और युवाओं के हितों के खिलाफ हैं। मेहनतकश वर्ग का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मजदूर और किसान अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। शिक्षा के बजट में कटौती से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि लोगों को जातिवाद के मुद्दों में उलझाकर उनके मूल सवालों से ध्यान भटकाया जा रहा है। किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड, चार गुना मुआवजा सहित अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
सीटू के वक्ताओं ने चारों श्रम कानूनों को वापस लेने, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और रसोइयों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने, सार्वजनिक उपक्रमों में ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा किसानों और ग्रामीण मजदूरों का पूर्ण कर्ज माफ करने सहित कई मांगें उठाईं। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठनों ने कहा कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर किसान नेता वीर सिंह नागर, सीटू के महासचिव रामस्वार्थ समेत पदाधिकारी मौजूद रहे।
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