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VIDEO : दादरी लघु सचिवालय में आयोजित किया गया अनुसंधानकर्ताओं और थाना प्रभारियों का प्रशिक्षण शिविर
दादरी लघु सचिवालय में जिला पुलिस विभाग में तैनात अनुसंधानकर्ताओं (जांच अधिकारियों) का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें उन्हें तीन नए कानूनों संबंधी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण देने के बाद शिविर में शामिल अनुसंधानकर्ताओं की लिखित परीक्षा भी ली गई। ट्रेनी आईपीएस दिव्यांशी सिंगला में भी प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहीं। प्रशिक्षण शिविर में बताया गया कि नए कानूनों के अनुसार 12 तरह के अपराध में पुलिस अपराधी को हथकड़ी लगा सकती है।
जांच अधिकारियों को बताया गया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 43 (3) में अपराध की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों की तरफ से हथकडी का इस्तेमाल करने का प्रावधान है। पुलिस अधिकारी किसी को गिरफ्तार करते वक्त या कोर्ट में पेश करते समय हथकडी लगा सकता है। इसके अलावा अगर कोई अपराध बार-बार कर चुका है या आदतन अपराधी है या फिर हिरासत से फरार हो चुका है तो उसे भी हथकडी लगाने का हक है।।
शिविर की अध्यक्षता कर रहीं ट्रेनी आईपीएस दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के निर्देशानुसार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें सभी थाना प्रबंधकों, चौकी प्रभारियों व जिला के अनुसंधानकर्ताओं ने तीनों नए कानूनों के संबंध में प्रशिक्षण प्राप्त किया। पुलिस विभाग के जांच अधिकारियों को शिविर में कानूनों में बदली हुईं धाराओं, उपबंध, कानून प्रदत्त नवीन अधिकारों, कार्य प्रणाली और अनुसंधानिक बदलावों के बारे में बताया गया व कर्मचारियों की शंकाओं को दूर किया।
मेल के जरिये दर्ज करवा सकते हैं ई-एफआईआर
डीएसपी धीरज कुमार ने पुलिस अधिकारी की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि नए कानून में ई-एफआईआर या इलेक्ट्रोनिक एफआईआर मेल के जरिये दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने कानूनों से हटाई गई धाराओं और ऐसी सभी धाराओं के बारे में विस्तार से बताया जिनमें बदलाव किया गया है या जो नई जोड़ी गई हैं। डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि इस वीडियो को ई-साक्ष्य मोबाइल एप पर भी अपलोड करना होगा, जिससे वीडियो भी सुरक्षित रह सकेगी। इससे पुलिस के कार्य में पारदर्शिता आएगी, वहीं पीड़ित को न्याय व आरोपी को दंड दिलवाने में यह काफी मददगार साबित होगी।
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