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Even after four months, rainwater has not been drained from Hisar, and farmers have been unable to sow wheat.
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हिसार में चार महीने बाद भी नहीं हो बरसाती पानी की निकासी, गेहूं की बिजाई भी नहीं कर पाए किसान
हिसार जिले के 90 गांवों में मानसून सीजन में भारी जलभराव होने से फसलें खराब हुई थी। जिले के अधिकतर गांवों में पानी की निकासी हो चुकी है। जिले के 8 गांवों में अब भी जलभराव है। जिस कारण इन खेतों में गेहूं की बिजाई नहीं हो सकी। खेतों में चार महीने बाद भी पानी नहीं निकाला जा सका।आर्यनगर गांव में करीब करीब 100 एकड़ में अब भी पानी भरा हुआ है। जिसमें बिजाई नहीं हो सकेगी।
सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग, पीडब्ल्यूडी के करीब 350 पंपों के जरिए पानी निकाला गया। सिंचाई विभाग ने पानी को निकालने के लिए 30 सितंबर तक का समय मांगा था।प्रदेश सरकार की ओर से सिंचाई विभाग को पानी निकासी का काम हर हाल में 1 अक्तूबर से पहले पूरा करने के आदेश दिए गए थे। गांव दाहिमा, कैमरी, लाडवा, सातरोड, सुलतानपुर, गंगवा, पातन, सीसवाला, रावलवास ,सिंहवा राघो, गुराना, डाटा, आर्यनगर, लितानी सहित अन्य गांवों सबसे अधिक जलभराव हुआ था।
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