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जींद: निर्माण व मनरेगा मजदूरों ने किया प्रदर्शन, डिप्टी स्पीकर को सौंपा ज्ञापन
संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर शनिवार को निर्माण मजदूरों और मनरेगा मजदूरों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रानी तालाब पर एकत्रित हुए, जहां जनसभा आयोजित की गई। इसके बाद मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की।
जनसभा की संयुक्त अध्यक्षता भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा (सीटू) के जिला प्रधान जोगिंद्र ईगराह, भवन निर्माण मजदूर संघ इंटक के जिला प्रधान सतीश बड़ोदा तथा निर्माण कार्य मजदूर-मिस्त्री यूनियन के नेता सुधीर शास्त्री ने की। मंच संचालन सीटू नेता राधेश्याम और संदीप जाजवान ने किया। सभा को सीटू के राज्य महासचिव जय भगवान, इंटक महासचिव धर्मबीर लोहान तथा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने संबोधित किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड का पोर्टल पिछले आठ महीनों से बंद पड़ा है। 90 दिन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का हवाला देकर पोर्टल बंद रखा गया है, जबकि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मजदूरों के शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, पेंशन सहित अन्य लाभ रोके जा रहे हैं। इससे लाखों निर्माण मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मनरेगा मेट एवं मजदूर यूनियन हरियाणा के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड रमेश चंद्र ने कहा कि पिछले सात महीनों से मनरेगा कार्यों पर अघोषित रोक लगी हुई है। गांवों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और नहर-खालों जैसे कार्य योजना से बाहर कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त कर रही है, जो ग्रामीण मजदूरों के लिए संकट है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इससे रोजगार की कानूनी गारंटी समाप्त हो रही है, फंडिंग में कटौती की जा रही है और पंचायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं। इससे मजदूरों को रोजगार के लिए मजबूरी में सस्ती मजदूरी पर काम करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड का पोर्टल खोला जाए, मनरेगा को बहाल कर सभी गांवों में काम शुरू किया जाए, काम के दिन 200 किए जाएं और मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन तय की जाए। इसके अलावा न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये करने, चारों नए लेबर कोड रद्द करने, प्रवासी मजदूरों का बिना शर्त पंजीकरण तथा बाढ़ व ग्रेप-4 से प्रभावित मजदूरों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा ने डिप्टी स्पीकर से इन मुद्दों को विधानसभा में उठाने और मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की। इस दौरान सुरेश करसोला, राजेश कुमार, सूरजभान, बिट्टू, पवन कुमार, कश्मीर सिंह, संतोष मांडो, सरोज, रामदास और अन्य मजदूर मौजूद रहे।
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