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नारनौल मतदाता सूची में दावे-आपत्तियां 30 अगस्त तक, 31 जुलाई को प्रारूप प्रकाशन
नारनौल। जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा अंजली ने बताया कि जिले में मतदाता सूची का प्रारूप 31 जुलाई को प्रकाशित होगा। नागरिक 31 जुलाई से 30 अगस्त तक मतदाता सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत है। इसका उद्देश्य स्वच्छ मतदाता सूची तैयार करना है।
उपायुक्त ने प्रेस वार्ता में बताया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। वर्तमान में जिले में कुल 7,49,607 पंजीकृत मतदाता हैं। प्रशासन के गहन सर्वेक्षण और आंकड़ा सत्यापन में 64,103 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराएं गए हैं। इन नामों की पूरी जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे। साथ ही, किसी फर्जी नाम की उपस्थिति सूची में न हो। दावों और आपत्तियों के निपटान के लिए 31 जुलाई से 28 सितंबर तक का समय तय किया गया है।
इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला में 35 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अटेली, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी में आठ-आठ अधिकारी तैनात हैं। नारनौल विधानसभा में 11 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे जिनकी मैपिंग वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो पाई है। वे उन मामलों की भी जांच करेंगे जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इन नोटिसों पर प्रतिदिन कार्यालय समय के दौरान सुनवाई होगी।
यदि कोई नागरिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है। तो वह अपील कर सकता है। अपील निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के समक्ष की जा सकती है। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के पास भी अपील का विकल्प है। अंतिम अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के समक्ष की जा सकती है। यह प्रक्रिया नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए है।
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