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नारनौल में शहीदों की याद आईटीआई के दो छात्रों ने बनाई डमी मिसाइल
23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव की याद में मनाए जाने वाले शहीद दिवस को ध्यान में रखते हुए आईटीआई के दो छात्रों ने एक मिसाइल डमी बनाई है। ये डमी मिसाइल उन सभी शहीदों को समर्पित है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपनी जान की कुर्बानी दी है। दोनों छात्रों ने ये मिसाइल वेस्ट मेटेरियल से मात्र एक सप्ताह में बनाकर तैयार की है। इन दोनों छात्रों की शहीदों के प्रति ऐसी भावना को देखते हुए प्राचार्य ने उनकी खूब सराहना भी की है।
शीट मैटल ट्रेड के हैं दोनों छात्र:
शीट मैटल के अनुदेशक हरीश दहिया ने बताया कि उक्त मिसाइल डमी उनकी ट्रेड के छात्र तुषार और करण ने तैयार की है। तुषार शहीदों को समर्पित करने के लिए एक डमी मिसाइल बनाना चाहता था, तो उसकी नेक सोच को ध्यान में रखते हुए उसे मेटेरियल उपल्बध कराया था। जिसके बाद तुषार ने अपने दोस्त करण के साथ मिलकर ये डमी तैयार की।
तुषार ने बताया कि उसके पापा आर्मी से सेवानिवृत्त हैं और बचपन से ही पापा से देशभक्ति व जवानों की वीरता के किस्से व कहानियां सुनता रहा हूं। ऐसे में शहीदों की याद में उन्हीं को समर्पित करने के लिए ये मिसाइल डमी बनाई है। तुषार ने बताया कि वह भी तकनीकी पोस्ट पर सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है।
ट्रेड के द्वार पर कर दी स्थापित
डमी बनाने के बाद जब बच्चों ने प्राचार्य को दिखाई तो वे उनकी कला से इतना प्रसन्न हुए कि दोनों को शाबाशी दी। साथ ही मिसाइल डमी को उन्हीं की ट्रेड के मुख्य द्वार के बाहर ही स्थापित करवा दिया। डमी बनाने के लिए छात्रों ने वेस्ट मेटेरियल को एकत्रित किया व मिसाइल की शेप में शीट की कटाई करते हुए सभी टुकड़ों को वैल्ड किया। फिर उसकी फिनिशिंग करने के बाद उसे कलर किया। इस पूरे काम में उनका करीब हजार रुपये का खर्च आया।
शहीदों के प्रति ऐसी सोच रखने वाले छात्रों ने बहुत ही बेहतरीन डमी तैयार की है। आईटीआई में बच्चों के लिए उनकी हर जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि बच्चे बेहतर वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य सुनिश्चित कर सकें। -विनोद खनगवाल, प्राचार्य, आईटीआई, नारनौल।
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