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Preparations Underway to Make the Sangh's Pattikalyana Office in Panipat the Headquarters for North India
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संघ की पानीपत के पट्टीकल्याणा कार्यालय को उत्तर भारत का प्रमुख बनाने की तैयारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएएसएस) पानीपत के पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र को उत्तर भारत का प्रमुख कार्यालय बनाने की तैयारी में है। संघ इस कार्यालय से पूरे उत्तर भारत को साधने की तैयारी में है।
इसके लिए अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा संघ की व्यवस्था में परिवर्तन का प्रस्ताव भी लाया सकता है। इसमें संघ के गांवों में प्रचार के लिए मंडल स्तर पर मंडल कार्यवाह और सह मंडल कार्यवाह भी बनाया जा सकता है। इन सब प्रस्तावों पर रविवार को अंतिम दिन फैसला लिया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयं संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शनिवार को दूसरे दिन सुबह नौ बजे शुरू की। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत व सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बैठक शुरू कराई। दत्तात्रेय होसबोले ने संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर अपना वक्तव्य दिया। इससे पहले संत रविदास को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनके सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के उन्मूलन को याद किया। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि वर्तमान समय में जब विविध विभाजनकारी शक्तियां जन-मानस को वर्ग और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही हैं। उस समय संत रविदास के जीवन-संदेश के मर्म को समझकर देश और समाज की एकात्मता के लिए कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। संघ के सह-सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने बताया कि प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन रविवार को सभी प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। इसी दिन सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन रहेगा।
सेवा साधना से माधव सृष्टि केंद्र
पट्टीकल्याणा स्थित संघ के कार्यालय का नाम सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र रखा था। अब इसका नाम माधव सृष्टि केंद्र रखा है। संघ की तीन दिवसीय बैठक से पहले ही इसका नया नाम रखा है। यह नाम आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर के नाम पर है। उन्हें गुरुजी के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम से मुंबई केशव सृष्टि केंद्र है।
माधव सृष्टि केंद्र में हर सुविधा
माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में है। यह दिल्ली से चंडीगढ़ एनएच-44 पर स्थित है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आठ साल पहले इसकी आधारशिला रखी थी। इसमें खेल से लेकर गोशाला और प्राकृतिक आधारित खेती की जाती है। इनके अलावा स्किल डेवलपेमेंट के कोर्स कराए जा रहे हैं। इनमें धागे और टेक्सटाइल का काम भी सिखाया जा रहा है। संघ माधव सृष्टि केंद्र को नागपुर मुख्यालय की तरह विकसित करना चाहता है। संघ के एक कार्यकर्ता ने बताया कि केंद्र की नींव इसी सोच के साथ रखी गई थी।
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