Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Rewari News
›
Sahil Meena, who was martyred for the country 15 days before his wedding, was cremated with state honors in Jarthal, Rewari.
{"_id":"6981dc0bdd7d759f3f053219","slug":"video-sahil-meena-who-was-martyred-for-the-country-15-days-before-his-wedding-was-cremated-with-state-honors-in-jarthal-rewari-2026-02-03","type":"video","status":"publish","title_hn":"शादी से 15 दिन पहले देश के लिए शहीद हुए साहिल मीणा, रेवाड़ी के जड़थल में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादी से 15 दिन पहले देश के लिए शहीद हुए साहिल मीणा, रेवाड़ी के जड़थल में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
जम्मू-कश्मीर के अवंतिपुरा में तैनात भारतीय वायुसेना के जवान साहिल मीणा गोली लगने से शहीद हो गए। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए गांव जड़थल समेत आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग उमड़े।
बताया जा रहा है कि साहिल मीणा की शादी 15 फरवरी को होनी थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं और घर में खुशियों का माहौल था। साहिल 7 फरवरी को शादी की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही एक फरवरी को ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वह शहीद हो गए। जैसे ही शहादत की सूचना गांव पहुंची, खुशियां मातम में बदल गई। जड़थल और आसपास के दो गांवों में दिनभर चूल्हे नहीं जले और हर आंख नम रही।
2019 में वायुसेना में हुए थे भर्ती:
साहिल मीणा वर्ष 2019 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। वह शुरू से ही अनुशासित और देशभक्ति से ओतप्रोत थे। परिवार वालों के अनुसार साहिल को देश की सेवा पर गर्व था और वह हमेशा जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाते थे। उनकी शहादत ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।
छोटा भाई है 21 वर्ष का:
शहीद साहिल अपने परिवार में बड़े बेटे थे। उनका एक छोटा भाई है, जिसकी उम्र 21 वर्ष बताई जा रही है। भाई की हालत बेहद खराब है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई:
शनिवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो “भारत माता की जय” और “शहीद साहिल मीणा अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा। वायुसेना और प्रशासन की ओर से शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देते समय हर आंख नम थी। ग्रामीणों का कहना है कि साहिल की शहादत को कभी भुलाया नहीं जाएगा और वह हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।