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राष्ट्रीय स्टार्टअप सम्मेलन में युवाओं ने पेश किए नवाचार के विचार, 14 स्टार्टअप को मिली इग्निशन ग्रांट
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में सोमवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन संस्थान के इंक्यूबेशन सेंटर की ओर से उत्तिष्ठति फाउंडेशन के माध्यम से किया गया। यह फाउंडेशन एनआईटी हमीरपुर की सेक्शन-8 कंपनी है, जिसे भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने किया। उद्घाटन सत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के डीएसटी आईटीबीआई कार्यक्रम के तहत 14 स्टार्टअप परियोजनाओं को इग्निशन ग्रांट प्रदान की गई। ये स्टार्टअप उत्पाद विकास के विभिन्न चरणों में कार्य कर रहे हैं, जिनमें लगभग 30 प्रतिशत उद्यम महिला नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं। सत्र की अध्यक्षता एनआईटी हमीरपुर की डीन (अनुसंधान एवं परामर्श) व रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी ने की। इस दौरान देशभर
से आए विशेषज्ञों के पैनल ने स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। इंक्यूबेशन सेंटर की प्रभारी डॉ. पामिता अवस्थी ने बताया कि सम्मेलन के विषयगत क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप तय किए गए हैं। सम्मेलन में कृषि प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष एवं रक्षा नवाचार, गहन तकनीक तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े स्टार्टअप विचारों को मंच प्रदान किया गया। उन्होंने महिला उद्यमियों को भी आगे आकर स्वतंत्र उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि इंक्यूबेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार की भावना को बढ़ावा देना, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें 20 टीमों के करीब 50 प्रतिभागियों ने अपने स्टार्टअप विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों का मूल्यांकन व्यवहार्यता, समस्या के समाधान की उपयोगिता, स्पष्ट दृष्टिकोण और नवाचार के आधार पर किया गया। सर्वश्रेष्ठ विचारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीएसआईआर सीएसआईओ चंडीगढ़ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र सिंह सैनी, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ की सहायक प्रोफेसर डॉ. गरिमा सैनी, एनआईटी हमीरपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश शर्मा तथा भारत फ्लो एनालिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं सह संस्थापक प्रणब नारायण झा सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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