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Mandi: स्वयं सहायता समूह से जोमैटो तक पहुंचीं पायल शर्मा, अब हर महीने 70 हजार तक की कमाई
Ankesh Dogra
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:04 PM IST
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सुंदरनगर की पायल शर्मा ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। कभी घर से सिड्डू और कचौरी बनाकर शुरुआत करने वाली पायल आज एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनका ‘शर्मा सिड्डू कचौरी जोन’ अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के माध्यम से भी ग्राहकों तक पहुंच रहा है और इससे उन्हें हर महीने लगभग 60 से 70 हजार रुपये तक की आय हो रही है।
सुंदरनगर नगर परिषद के वार्ड-5 बड़ोह निवासी पायल शर्मा वर्ष 2017 में मुरारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। वर्तमान में वह समूह की प्रधान होने के साथ-साथ एरिया लेवल फेडरेशन की अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने घर से पारंपरिक हिमाचली व्यंजन सिड्डू और कचौरी बनाने का काम शुरू किया था, जिसे धीरे-धीरे एक व्यवस्थित प्रतिष्ठान का रूप दे दिया।
आज उनके प्रतिष्ठान में सिड्डू, कचौरी, बाबरू, मोमोज, परांठा, मैगी सहित विभिन्न प्रकार के नाश्ते और भोजन की सुविधा उपलब्ध है। पायल के पति भी व्यवसाय में उनका सहयोग करते हैं और ऑर्डर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिए जाते हैं।
पायल शर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूह को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके अतिरिक्त उन्हें तीन लाख रुपये का बैंक ऋण तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आधुनिक सुविधाएं विकसित कीं।
पायल ने बताया कि व्यवसाय से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को काफी मजबूत किया है। उनके प्रतिष्ठान में दो लोगों को रोजगार भी मिला है। उनकी बेटी डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरनगर में ग्यारहवीं कक्षा का छात्र है।
पायल शर्मा का कहना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो वे आसानी से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया।
नगर परिषद सुंदरनगर के अनुसार वर्ष 2016 से अब तक 114 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इन समूहों को लगभग 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। 41 समूहों की क्रेडिट लिंकेज की जा चुकी है, जबकि 111 लाभार्थियों को दो-दो लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 112 स्वयं सहायता समूहों और सात एरिया लेवल फेडरेशन को रिवॉल्विंग फंड भी प्रदान किया गया है।
पायल शर्मा की सफलता सुंदरनगर ही नहीं, पूरे मंडी जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी सही दिशा और निरंतर प्रयासों से बड़े व्यवसाय में बदला जा सकता है।
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