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VIDEO : 'एनजीटी के आदेशों के बावजूद नेशनल हाईवे 707 पर अवैध ब्लास्टिंग, डंपिंग व कटिंग जारी'
एनजीटी व उपायुक्त के आदेशों के बावजूद भी नेशनल हाईवे ग्रीन कोरिडोर 707 पर संबधित विभाग अवैध ब्लास्टिंग, अवैध कटिंग व अवैध डंपिंग पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुए हैं। यह आरोप सिरमौर प्रेस क्लब भवन नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता नाथूराम चौहान ने लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आदेशों के बाद अवैध कार्य रूकने की बजाय ओर तेज गति से आगे बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरऊ तहसील से 50 मीटर की दूरी पर दो सप्ताह पहले जेलेटीन का प्रयोग कर घातक विस्फोट किया जाता है, जिससे कमरऊ व आसपास के क्षेत्रों में काफी कंपन होती है। उन्होंने बताया कि अगले दिन वह जब मौक पर जाते हैं तो वहां जेलेटीन के अवशेष पाए गए। जिसके अवशेष उन्होंने तहसीलदार को सौंपे भी गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद भी अधिकारियों द्वारा मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते यहां सरेआम नियमों को ताक पर रखकर अवैध गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने मीडिया के सामने आरोप लगाए कि संबधित ठेकेदार क्षेत्र से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के खास हैं, जिसके चलते उनपर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री स्वयं भी खनन गतिविधियों से जुडे हुए है और उनकी खुद की माईनें भी हैं। उन्होंने इस दौरान कमीशन तक के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री की अनुमति के बिना क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं है तो उद्योग मंत्री तुरंत ऐसे अवैध कार्यों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश जारी करें। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं होती तो मजबूरन हिमाचल सरकार के खिलाफ भी उन्हें न्यायालय में जाना पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाए कि जेलेटीन प्रबंधित है, बावजूद इसके यहां सरेआम इसका प्रयोग कैसे हो रहा है, इसको लेकर भी प्रशासन को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे ब्लास्ट व अवैध खनन के चलते पेयजल स्त्रोतों को नुक्सान पहुंच रहा है। इसके अलावा अवैध डंपिंग के चलते लोगों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यही आलम रहा तो आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा एनजीटी के आदेशों के बाद उपायुक्त सिरमौर को एक ज्ञापन दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने संबधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन फिर भी हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।
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