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Sirmaur: नाहन में कविताओं और कहानियों से याद किए चंद्रधर शर्मा गुलेरी
भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला सिरमौर ने बुधवार को डाइट नाहन में जिला स्तरीय पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जयंती समारोह आयोजित किया। इसमें उच्च शिक्षा उपनिदेशक डॉ. हिमेंद्र दत्त बाली ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की, जबकि साहित्यकार होने के नाते कार्यक्रम अध्यक्ष का दायित्व भी निभाया। उपनिदेशक (गुणवत्ता) एवं जिला परियोजना अधिकारी रीटा गुप्ता व प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक राजीव ठाकुर विशेष अतिथि रहे। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने सभी को टोपी व अंगवस्त्र पहनाकर उनका सम्मान दिया। इस कार्य में सहकर्मी रचना रावत का सहयोग रहा। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्ज्वजित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने चंद्रधर शर्मा गुलेरी जयंती के आयोजन व गुलेरी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद मंच संचालक डॉ ईश्वर राही ने कार्यक्रम का आगाज किया। सबसे पहले ददाहू से आए कवि अनंत आलोक ने आंगन में दो फूल हैं, दोना सदाबहार, एक तुम्हारा प्यार है, और एक तकरार.., एक के बाद एक दोहे सुनाकर समां बांधा। दीपराज विश्वास ने जाने कितनी आंखों के सपने सुहाने बह गए, फिर अंधेरी रात में कुछ आशियाने बह गए.., गजल से दाद पाई। शायर नासिर यूसुफजई ने नजर औरों के दामन पर हो जिसकी, गिरेबां कब वो अपना झांकता है, जहां झूठी गवाही बिक रही हो, वहां सच बोलना भी इक खता है.., से दाद पाई। आशिक अली ने शेरो शायरी, अनुज कुमार ने बूंद से बरसात.., डॉ शबाना सैय्यद ने कुछ भी सहज नहीं है.., दीपचंद कौशल ने आंसू टपकते हैं गुलेरी की कलम से.., लायकराम भारद्वाज ने कहानी.., पियूषी ठाकुर ने खोई खोई सी हूं मैं..., निधि पंवार ने हमेशा उनका दिखना की वो सख्त हैं.., कविता पेश की। डॉ आईडी राही ने क्या रखा है गांव में.., और नदी का किनारा.., लघु कथा पेश की। अलीशा ने आखिर मां है सब जानती हैं.., विजेंद्र सिंह ने लेखनी तू क्यूं रूक गई.., निखिल कुमार ने लघु कथा.., पंकज तन्हा ने घुट-घुट कर जीती, मार खाती ये वही औरत है.., शून्य विनोद ने यूं तो भीड़ थी किस्सों की, दुनिया में, मगर दो ही सुने, एक मेरे नाम का, एक तेरे नाम का.., कविता सुनाई। विजय रानी बंसल ने एक थी रक्को.., कहानी, मीनाक्षी वर्मा ने निर्मल प्रेम के सर्वोच्च शिखर.., सुनीता देवी ने सिर्फ एक मौका.., कहानी पेश की। प्रभात चौहान ने देखो कैसा कलयुग ये आया है.., कविता पेश की। अंत में उच्च शिक्षा उपनिदेशक हिमेंद्र बाली ने भी कविताएं पेश की। कार्यक्रम के दौरान जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई थी। जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने सभी के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
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