{"_id":"6a799ca7835ebed1fa0e0a41","slug":"video-sirmaur-ravi-kumar-82-rank-assistant-commandant-capf-success-story-2026-08-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sirmaur News: पुलिस और शिक्षक की नौकरी भी नहीं रोक सकी रवि की उड़ान, 82वीं रैंक हासिल कर बने सहायक कमांडेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmaur News: पुलिस और शिक्षक की नौकरी भी नहीं रोक सकी रवि की उड़ान, 82वीं रैंक हासिल कर बने सहायक कमांडेंट
Ankesh Dogra
Updated Mon, 10 Aug 2026 03:10 PM IST
Link Copied
ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करते हुए सिरमौर जिले के कोलर निवासी युवा रवि कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा में देशभर में 82वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन सहायक कमांडेंट के पद पर हुआ है। रवि की सफलता से उनके परिवार, पैतृक गांव कोलर और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
रवि कुमार की सफलता इसलिए खास है, क्योंकि इससे पहले भी वह दो अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। उनका चयन हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में हुआ था। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने सफलता हासिल की और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के पद पर चयनित होकर सेवाएं दीं। हालांकि, बचपन से ही उनके मन में सेना में अधिकारी बनकर देशसेवा करने का सपना था।
इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए रवि ने नौकरी के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने पढ़ाई के साथ शारीरिक दक्षता पर भी विशेष ध्यान दिया। रवि के अनुसार वह रोजाना कई घंटे पढ़ाई करते थे और सुबह-शाम शारीरिक अभ्यास के लिए भी समय निकालते थे।
रवि ने बताया कि पुलिस और शिक्षा विभाग में चयन होने के बावजूद अधिकारी बनकर देशसेवा करना उनका अंतिम लक्ष्य था। निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा में देशभर में 82वीं रैंक हासिल की और सहायक कमांडेंट बनने का मुकाम हासिल किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और गुरुजनों को दिया।
रवि कुमार की सफलता में उनके परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उनके पिता नरेंद्र सिंह पुलिस विभाग में निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पुलिस सेवा के दौरान मिले अनुशासन और देशसेवा के संस्कारों का रवि के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
उनकी माता भावना देवी शिक्षा विभाग में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। माता-पिता के सेवाभाव और समर्पण से प्रेरणा लेते हुए रवि ने भी देशसेवा को अपना लक्ष्य बनाया। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।