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VIDEO : गोंदपुर जयचंद में निजी उद्योग से निकाले मजदूरों का ऊना शहर में रोष मार्च
ऊना जिला के हरोली विधानसभा के तहत गोंदपुर जयचंद में स्थित एक निजी उद्योग में कार्यरत 90 के करीब मजदूरों को बिना नोटिस दिए काम से निकाल दिए जाने का मामला गरमाने लगा है। मंगलवार को सभी मजदूरों ने इकट्ठे होकर जिला परिषद सदस्य कमल सैनी व अन्य समाजसेवी लोगों की अगुवाई में जिला श्रम अधिकारी कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। मजदूरों की मानें तो कंपनी ने उन्हें बिना नोटिस दिए काम से निकाल दिया। उन्हें जो वेतन दिया जा रहा, वह 9000 रुपये प्रतिमाह के आसपास है। जबकि श्रम कानून के मुताबिक उन्हें 12000 रुपये वेतन मिलना चाहिए। मजदूरों ने कहा कि जनवरी माह में 15 दिन का काम लेने के बाद उन्हें 15 दिन का वेतन दे दिया गया। जबकि दिसंबर महीने का वेतन अभी तक नहीं दिया गया। रोष प्रदर्शन के बाद मजदूरों की मांगों के हल को लेकर उपायुक्त ऊना जतिन लाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। उधर मजदूरों को वापस काम पर लौटाने के लिए बीते सोमवार को उद्योग विभाग, जिला श्रम अधिकारी और फैक्ट्री वर्कर के बीच वार्तालाप भी हुई। लेकिन वह भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। रोष प्रदर्शन करने रहे मजदूरों ने कहा कि उन्हें मंगलवार को जिला श्रम अधिकारी कार्यालय में सुबह 11:00 बजे का समय दिया गया था। लेकिन अभी तक कोई भी कंपनी का नुमाइंदा या संबंधित विभागीय अधिकारी यहां नहीं पहुंचे। रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला परिषद सदस्य कमल सैनी ने कहा कि मजदूरों के विरोध के बावजूद कोई अधिकारी उनकी समस्या का हल करने नहीं आया। कमल सैनी ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा संघर्ष करेंगे और मजदूरों को उनका हक दिलवाएंगे। मजदूरों के हक में अपने बैनर के साथ रोष प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा ऊना के अध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने कहा कि हम मजदूरों के मांगपत्र को लेकर उपमुख्यमंत्री से मिलने गए। लेकिन उपमुख्यमंत्री ने कुछ देर बात सुनकर संबंधित अधिकारी को फोन किया। कहा कि उनकी पूरी बात भी नहीं सुनी गई।
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