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Justice Yashwant Verma Cash Row: What revelations did the three-member inquiry committee of SC make about the
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Justice Yashwant Verma Cash Row: SC की तीन सदस्यीय जांच समिति ने जज को लेकर क्या खुलासे किए?
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Thu, 19 Jun 2025 07:06 PM IST
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जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से बीते मार्च में बड़ी मात्रा में जले हुए नोट बरामद हुए थे। इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस जांच समिति में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जीएस संधवालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की जज अनु शिवरामन शामिल थीं। इस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 4 मई को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना को सौंप दी थी।
जिसे जस्टिस खन्ना ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए, जिनकी जानकारी सामने आई है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कीं ये टिप्पणियां
1. 64 पेज की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में ये साबित हुआ है कि दुराचार हुआ है, जो उन्हें पद से हटाने की मांग के लिए काफी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'जब सरकार किसी सरकारी अधिकारी को आवास आवंटित करती है तो यह उसमें रहने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह आवासीय परिसर को उन चीजों से मुक्त रखे, जो आम लोगों की नजरों में संदेह पैदा करती हैं।' दरअसल जस्टिस वर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और अपने आवास में मिले जले हुए नोटों के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया था।.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'आग बुझाने के दौरान जो जले हुए नोट बरामद हुए, वे बेहद संदिग्ध वस्तु हैं और वे कम मूल्य के भी नहीं है कि उन्हें बिना जस्टिस वर्मा या उनके परिवार की सहमति के बिना स्टोर रूम में रखा जाए। साथ ही एक जज के आवास के स्टोर रूम में पैसे रखना असंभव है, जबकि उनके आवास के गेट पर चार गार्ड और एक पीएसओ हमेशा तैनात रहते हैं। इसके अलावा घर में बड़ी संख्या में पुराने और भरोसेमंद घरेलू नौकर और छह से ज्यादा स्टाफ क्वार्टर भी हैं।'
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