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Trump Tariff on India: Shashi Tharoor gives statement on 50% tariff, suggests options to India.
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Trump Tariff on India: Shashi Tharoor ने 50% टैरिफ पर दिया बयान, भारत को सुझाया विकल्प।
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Thu, 07 Aug 2025 09:26 AM IST
2 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 25% अतरिक्त टैक्स लगा दिए है। यह टैक्स भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया है। इस फैसले के बाद भारत से अमेरिकी बाजार में जाने वाले सामान पर कुल 50% टैक्स लगने लगेगा। ऐसे में भारत में इस बात को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका के इस कदम को अनुचित और दोहरे मापदंड वाला बताया। साथ ही कहा कि अमेरिका खुद रूस से कई चीजें मंगा रहा है, लेकिन भारत को निशाना बना रहा है।कांग्रेस सांसद ने कहा "मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए कोई ख़ास अच्छी खबर है और अगर हमारा कुल टैरिफ़ 50 प्रतिशत हो जाता है, तो इससे अमेरिका में बहुत से लोगों के लिए हमारे सामान अप्राप्य हो जाएँगे, खासकर जब आप इन प्रतिशतों को देखते हैं, तो आपको इनकी तुलना हमारे कुछ प्रतिस्पर्धियों पर लगाए जा रहे टैरिफ़ से करनी होगी। मुझे डर है कि अगर आप वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, यहाँ तक कि बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों पर भी नज़र डालें, जहाँ टैरिफ़ हमसे कम हैं, तो अंततः लोग अमेरिका में हमसे सामान नहीं खरीदेंगे, अगर उन्हें कहीं और सस्ता सामान मिल सकता है।
इसलिए यह अमेरिका को हमारे निर्यात के लिए बहुत अच्छा नहीं है। इसका मतलब है कि हमें गंभीरता से उन देशों और बाज़ारों में विविधता लाने की ज़रूरत है जो हमारी पेशकश में रुचि रखते हों। अब हमारा ब्रिटेन के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता है। हम यूरोपीय संघ से बात कर रहे हैं। ऐसे कई देश हैं जहाँ उम्मीद है कि हम ऐसा कर पाएँगे, लेकिन अल्पावधि में, यह निश्चित रूप से एक झटका है साथ ही उन्होनें कहा कि....अमेरिका ने चीन को 90 दिन की छूट दी है, जबकि वह हमसे कहीं ज्यादा रूसी तेल खरीदता है। उन्होंने कहा कि यह दोस्ती का संकेत नहीं है। अमेरिका से हमें ऐसी उम्मीद नहीं थी। ये भी कहा कि रूस से तेल ख़रीद पर भारत के रुख़ पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "यूरेनियम, पैलेडियम जैसी कई चीज़ें हैं जो वे (अमेरिका) रूस से आयात कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, इसमें एक तरह का दोहरा मापदंड शामिल है। उन्होंने चीन को 90 दिनों की मोहलत दी है, लेकिन चीन हमसे कहीं ज़्यादा रूसी तेल आयात कर रहा है। तो ज़ाहिर है कि यह उस देश की ओर से कोई ख़ास दोस्ताना व्यवहार नहीं है जिसके बारे में हमने सोचा था कि वह हमारे प्रति अच्छा रुख़ रखता है, एक ऐसे प्रशासन की ओर से जिसके बारे में हमने सोचा था कि वह हमारे प्रति अच्छा रुख़ रखता है। ज़ाहिर है, हमें इसी के अनुसार काम करना होगा, और हमें इस अनुभव से सबक सीखना होगा। मुझे लगता है कि अब भारत में भी अमेरिकी निर्यात पर समान पारस्परिक शुल्क लगाने का दबाव ज़रूर होगा। इसलिए मुझे लगता है कि इन परिस्थितियों में हमें अपने अन्य व्यापारिक साझेदारों पर भी ज़्यादा ध्यान देना होगा..
." थरूर ने इस फैसले को अनुचित, अन्यायपूर्ण और गैरजरूरी बताया। साथ ही कहा कि अमेरिका भारत के साथ दोहरा रवैया अपना रहा है।बता दें कि बीते छह अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आदेश पर साइन किए, जिसके बाद भारत से आयात होने वाले सामान पर अब कुल 50% टैक्स लगेगा। उन्होंने इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े कारण बताए, खासकर भारत के रूस से तेल आयात को लेकर।रूर ने यह भी इशारा किया कि अब भारत में अमेरिकी सामान पर जवाबी टैक्स लगाने की मांग तेज हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम और पैलेडियम जैसी चीजें खरीद रहा है। हमें अब इससे सबक लेना चाहिए और उसी हिसाब से कदम उठाने होंगे। इसके अलावा भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हमारे रणनीतिक रिश्तों की भावना के खिलाफ है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि भारत की तेल खरीद जरूरतों के अनुसार होती है और यह 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी है।
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