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Displaced persons honored on Partition Horrors Remembrance Day; the agony of Partition reflected in the archival exhibition.
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विभाजन विभीषिका दिवस पर विस्थापितों का सम्मान, अभिलेख प्रदर्शनी में दिखी बंटवारे की पीड़ा
झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 06:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बुधवार को राजकीय संग्रहालय में अभिलेख एवं छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में देश के विभाजन के दौरान विस्थापित होकर झांसी में बसे परिवारों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विस्थापित परिवार की श्रीमती सुरिंदर कौर को शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, पलायन और मानव त्रासदी से जुड़े चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शित किए गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली, लेकिन विभाजन की त्रासदी भी झेलनी पड़ी। विभाजन के परिणामस्वरूप लाखों लोग बेघर हुए और उन्हें रातोंरात अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। यह पीड़ा देश के इतिहास की ऐसी घटना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
एमएलसी रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में हुए पलायन की दर्दनाक कहानी है। बच्चों को इतिहास की जानकारी देना जरूरी है। इतिहास को भूलकर बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सरदार गुरजीत सिंह चावला का परिवार भी विभाजन के बाद झांसी आया और अपनी मेहनत के बल पर सम्मान के साथ जीवन बिता रहा है।
एमएलसी रमा निरंजन ने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने एक स्थान से दूसरे स्थान पर पलायन किया। इस दौरान परिवार बिछड़ गए और लोगों ने असहनीय पीड़ा झेली। ऐसी त्रासदी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से इतिहास के उस दौर की पीड़ा, संघर्ष और मानव त्रासदी को याद करने का अवसर मिल रहा है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें असंख्य लोगों के त्याग और संघर्ष को याद करने के साथ ही सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता सर्वोपरि है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
सरदार गुरजीत सिंह चावला ने विस्थापित परिवारों को सम्मानित किए जाने पर सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विस्थापन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। ऐसी घटनाएं मानव जीवन को कलंकित करती हैं। देश में फिर कभी ऐसी त्रासदी न हो, इसके लिए सभी को संवेदना, एकता और भाईचारे के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय मनोज कुमार गौतम, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव त्रिवेदी, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक रति वर्मा, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह समेत अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं व शिक्षक उपस्थित रहे।
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