अनूपपुर जिले में हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है। बुधवार–गुरुवार की दरम्यानी रात जैतहरी वन परिक्षेत्र के पचौहा स्थित पाठबाबा जंगल से निकलकर तीन हाथियों का दल अनूपपुर वन परिक्षेत्र के छुलहा गांव पहुंच गया। हाथियों ने गांव में दो ग्रामीणों के मकानों को क्षतिग्रस्त किया और कई खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया।
देर रात हाथियों का यह दल कुसुमहाई, टकहुली, चांदपुर, गुंवारी और अमगवां गांवों से होते हुए गुरुवार सुबह ग्राम पंचायत छुलहा के छुलहा गांव में प्राथमिक विद्यालय और गोंडान टोला के पीछे लेंटाना की झाड़ियों में पहुंचकर विश्राम करता पाया गया। आबादी और स्कूल के पास हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अनूपपुर वन परिक्षेत्र के वनकर्मियों ने मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया और हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की। वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह ने बताया कि हाल ही में जैतहरी में हुई जनहानि को देखते हुए हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीम हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास कर रही है।
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ग्रामीणों को शाम के बाद जंगल की ओर न जाने, घरों से बाहर न रहने, बच्चों की विशेष निगरानी करने और हाथियों की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि हाथियों का यह दल पिछले 29 दिनों से छत्तीसगढ़ सीमा से लगे अनूपपुर वन क्षेत्र में विचरण कर रहा है। गौरतलब है कि 16 जनवरी को जैतहरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 पथरहा टोला में हाथी के हमले से 80 वर्षीय हंसलाल राठौर की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।