दिल्ली में सामने आए ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी के मामले के तार मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में यह सामने आया कि जिन खातों में ठगी की रकम का लेनदेन हुआ, वे खाते बड़वानी जिले के ठीकरी क्षेत्र के दो युवकों के हैं। यह पहला मामला है जब डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध में सीधे तौर पर बड़वानी के युवकों के नाम सामने आए हैं।
दिल्ली के प्रीतमपुरा निवासी कृष्णस्वरूप तिवारी ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया और विभिन्न बैंक खातों में 2 करोड़ 19 लाख रुपए जमा करवाए। लेनदेन की जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के संकेत मिले।
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8 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन, खातों की जांच
दिल्ली साइबर सेल की जांच में सामने आया कि जिन खातों में रकम जमा करवाई गई, उनमें से एक खाते में 8 करोड़ रुपए से अधिक का संदेहास्पद लेनदेन हुआ है। खातों की लोकेशन बड़वानी जिले के ठीकरी क्षेत्र से जुड़ने पर दिल्ली पुलिस की टीम तत्काल मध्य प्रदेश पहुंची और स्थानीय पुलिस की सहायता से अंशुल राठौड़, दीपेश पाटीदार को हिरासत में लिया।
लखनऊ से जुड़े तार, मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों युवक सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए लोगों के जरिए लखनऊ पहुंचे थे, जहां मुख्य आरोपियों ने उनके नाम से खाते खुलवाकर साइबर ठगी के रैकेट में शामिल किया। आरोपियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, चेक बुक और एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं। गुरुवार को दोनों को अंजड़ न्यायालय में पेश कर रविवार तक का ट्रांजिट रिमांड लेकर दिल्ली ले जाया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है।