राजधानी भोपाल के जेके मेडिकल यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, जेके हॉस्पिटल और एलएन मेडिकल कॉलेज के साथ भोपाल जिला अदालत, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और अरेरा हिल्स स्थित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कार्यालय सहित कुछ अन्य कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी झूठी निकली है।
इससे पहले लगातार दो दिन तक नापतौल विभाग के नियंत्रक कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी आई थी। कुछ दिन पहले एक पखवाड़े भर में पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को दो बार बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी थी। सभी धममियां झूठी निकली हैं। बुधवार को आधा दर्जन कार्यालयों, संस्थानों को एक साथ धमकी मिलने के बाद भोपाल पुलिस भी परेशान हो गई। धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद संबंधित सभी संस्थाओं को खाली करा लिया गया था। पुलिस के बम डिस्पोजल एवं डॉग स्क्वॉड ने सभी स्थानों, परिसरों की विधिवत सर्चिंग की, लेकिन कुछ नहीं मिला। भोपाल पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है। धमकी देने वाले को पकड़ने के लिए साइबर पुलिस की भी मदद ली जा रही है। धमकी देने वाले ने तमिलनाडु में महिलाओं के शोषण और राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए ई-मेल भेजा है।
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जानकारी के अनुसार मेल में लिखा गया है कि जब किसी महिला के साथ कोई ज़ालिम बलात्कार करता है, तो वह मदद के लिए चीखती है। पहले, वह उन लोगों का ध्यान खींचने के लिए चीखती है जो उसकी मदद कर सकते हैं, और फिर वह दुष्कर्मियों द्वारा पहुंचाए गए भयानक दर्द के कारण चीखती है। अब, जब उस महिला के साथ वह ज़ालिम दुष्कर्म कर रहा होता है, अगर पत्रकार और मीडियाकर्मी बनकर आए 4 और ज़ालिम भी उतनी ही ज़ोर से चिल्लाने लगें, तो क्या पीड़ित की चीखें किसी को कभी सुनाई देंगी? तमिलनाडु में ठीक यही हो रहा है। मैं तमिलनाडु में तमिल महिलाओं के साथ हुए हजारों ऐसे बलात्कारों की बात नहीं क रहा हूँ जिनकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। तमिलनाडु का मौजूदा राजनीतिक ढांचा बहुत सीधा-सादा है। निजी स्वार्थों वाले संगठन, जो असल में विदेशी लुटेरे हैं, कुछ ट्रस्टों को भारी मात्रा में चंदा देते हैं। ये ट्रस्ट ही तमिलनाडु में इन विदेशी ताकतों का एजेंडा आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। दो ट्रस्टों को सबसे ज़्यादा विदेशी चंदा मिला है। फिर इन अरबों-खरबों की संपत्ति वाले ट्रस्टों का इस्तेमाल वोट खरीदने, सरकारी अफसरों को खरीदने के लिए किया जाता है। इसलिए, अगर कोई चप्पल भी इस ट्रस्ट को चलाने लगे, तो तमिलनाडु का पूरा राजनीतिक तंत्र उस चप्पल के आगे सिर झुका देता है। इसीलिए, हम (तमिल मुक्ति संगठन) ने यह फैसला किया है कि अब हम चुनाव जैसे लोकतांत्रिक तरीकों को छोड़कर, गोलियों और बमों के ज़रिए ‘मां तमिलनाडु’ को इन गंदगी से साफ़ करेंगे ! आज आपकी यूनिवर्सिटी-कॉलेज में हुआ धमाका हमारी ताक़त का एक जीता-जागता सबूत है। अगर 2026 के चुनावों में डीएमके जीत जाती है, तो जीत के तोहफ़े के तौर पर उन्हें अपने परिवार के किसी एक सदस्य को खोना पड़ेगा।
इनका कहना है
भोपाल के कई संस्थाओं, कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी ई-मेल के जरिए मिली है। भोपाल पुलिस साइबर टीम के साथ मिलकर आरोपी का पता लगाने में जुटी है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा की गई वारदात लगती है। अधिकांश धमकियों में एक ही पैटर्न के ई-मेल व शब्दों का उपयोग किया गया है। पुलिस जल्दी ही आरोपी को पकड़ लेगी।
-संजय कुमार, पुलिस आयुक्त, भोपाल