मध्यप्रदेश के इंदौर में बीते दिनों दूषित जल पीने से हुई मौतों का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि, इस मामले का विरोध करने को लेकर प्रदेश के बुराहनपुर जिले के नेपानगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई मौतों को लेकर नेपानगर के कांग्रेस कार्यकर्ता 8 जनवरी को मातापुर चौक स्थित भाजपा कार्यालय के सामने जमा हुए थे। इसके बाद ये सभी अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां दूषित पानी और ‘बेशर्म’ का पौधा लगाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया था। इस प्रदर्शन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ा एतराज जताते हुए नेपानगर थाने में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आवेदन दिया था।
12 कांग्रेसियों पर दर्ज हुआ है मामला
इधर पुलिस ने नेपानगर भाजपा मंडल अध्यक्ष निलेश पिता मधुकर महाजन द्वारा दिए आवेदन की इसको लेकर जांच की थी। इसके बाद थाना नेपानगर में थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने इस मामले में गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, ग्रामीण जिला कार्यकारी अध्यक्ष, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित कुल 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223(ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि जिन 12 कांग्रेसियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम जगमीत सिंह जाली नेपानगर, प्रकाश सिंह बैस, पांडुरंग आमले, सोहन सैनी, डाक्टर विनोद पाटील, राजेश पटेल उर्फ लारा, राजु दामु पाटील, राजेन्द्र मसाने, प्रेमसिंह जमरा, आकाश राठौर, किशोर राजपुत, पंकज मलन्ना सभी निवासी नेपानगर हैं।
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बगैर अनुमति विरोध प्रदर्शन करने पर दर्ज हुआ मामला
हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच एसआई शाहबुद्दीन कुरेशी द्वारा जारी है। पुलिस ने एसडीएम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। इसमें मालूम चला है कि बगैर अनुमति यह प्रदर्शन किया गया था, जिस पर मामला दर्ज किया गया है। वहीं तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बताया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने किया ट्वीट
इधर इस पूरे मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने भी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि प्रदेशभर में पानी जहरीला है, इंदौर में 25 लोग मर गए हैं और सवाल पूछना अपराध बना दिया गया। नेपानगर (बुरहानपुर) में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर 12 कांग्रेस नेताओं पर FIR, लेकिन इंदौर में मौतों के जिम्मेदार आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। संविधान ने विरोध का हक दिया है, FIR से कांग्रेसी नहीं डरने वाले। यह न्याय नहीं, सत्ता का दमन है।