बीते कुछ दिन में स्कूल बसों के साथ हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए, मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में जिला प्रशासन ने एक सुरक्षा बैठक का आयोजन किया। इसका उद्देश्य स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर था। यहां जिला कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देशानुसार हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने स्कूल बस संचालकों, प्राचार्यों व स्थानीय प्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत जारी की।
बसों में ये सुविधाएं होना जरूरी
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित हुई इस बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सोलंकी, डीपीसी रविंद्र महाजन, पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। इस दौरान स्कूल बसों के दस्तावेज जैसे फिटनेस, बीमा, परमिट, पीयूसी, ड्राइवर लाइसेंस आदि सभी सही तरीके से रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही बसों में फायर फाइटर, फर्स्ट एड बॉक्स, कैमरा, इमरजेंसी खिड़की एवं इमरजेंसी दरवाजा जैसी सभी सुविधाएं पूरी तरह से चालू हालत में होना अनिवार्य बताया गया।
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कमी पाए जाने पर होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई
वहीं इस बैठक को लेकर बुराहनपुर अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने बताया की, इस दौरान महिला सुरक्षा व साइबर अपराध पर भी जागरूकता दी गई। साथ ही छात्रों की सुरक्षा हेतु हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। बैठक का उद्देश्य शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पहले बसों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना था। हमने सभी स्कूल बस संचालकों को जरूरी दिशा निर्देश दे दिए हैं, जिसके बाद अब उनकी लगातार मॉनीटरिंग भी की जाएगी, और उनमें कमी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। और इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट से भी दिशा निर्देश मिले हैं । जिनके पालन में यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। इसको लेकर हम रोजाना ही बसों की चेकिंग कर रहे हैं, और इनमें कमी पाए जाने पर इन्हें थानों में खड़ा करवाया जाएगा, और स्कूल बस संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।