दमोह जिले के तेंदूखेड़ा अनुविभाग में दो विभागों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां रिचकुड़ी से हर्राई मार्ग पर दो महीने से एक पेड़ गिरा हुआ है, लेकिन किसी भी विभाग ने इसे हटाना उचित नहीं समझा। यह मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन है। पेड़ नहीं हटने के कारण लोगों ने कच्चे मार्ग से आवागमन शुरू कर दिया है, जिससे हादसे भी हो रहे हैं। जिस मार्ग पर पेड़ गिरा है, वहां सात कर्मचारी निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण, वन विभाग और राजस्व विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, जबकि यह मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन है।
यह मार्ग है बाधित
रिचकुड़ी से हर्राई तक डामरीकरण मार्ग गया हुआ है, जो वर्तमान में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन है। पिछले दो माह से सड़क के किनारे लगा पेड़ इस मार्ग पर गिरा पड़ा है जिसे आवागमन पूर्ण रूप से बंद है। इस मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग के सात कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे सवाल यह है कि जब कर्मचारी इस मार्ग पर माह में तीस दिन सेवाएं दे रहे हैं, तो उन्होंने यह पेड़ क्यों नहीं हटवाया। राहगीरों की मानें तो इस मार्ग से कई गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, कई लोग मुख्य मार्ग पर गिरे पेड़ के कारण गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
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ऐसे हुआ खुलासा
पीडब्ल्यूडी कार्यालय तेंदूखेड़ा में संचालित है। कार्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इस विभाग के कर्मचारी पदस्थ किए गए हैं। सूचना के अधिकार के तहत विभाग से जानकारी मांगी गई तो सामने आया कि वर्तमान समय में पीडब्ल्यूडी तेंदूखेड़ा के अधीन सौ से अधिक कर्मचारी पदस्थ हैं, जिन्हें वर्षों से वेतन मिल रहा है, लेकिन सभी कर्मचारी अपनी सेवाओं पर उपस्थित नहीं होते। पीडब्ल्यूडी से जो जानकारी मिली, उसके अनुसार रिचकुड़ी–हर्राई मार्ग पर सात कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें विपिन पिता रामदास, केवर पिता भुज्जी, मुन्ना पिता तरवर, प्रताप पिता रतन, थम्मन पिता रज्जू, हिम्मत पिता करन, और सुशील पिता कलुआ शामिल हैं। इन कर्मचारियों को आज तक किसी ने देखा नहीं है।
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वन सीमा में नहीं है पेड़
जिस मार्ग पर पेड़ पड़ा है, वह मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाया गया है और पेड़ सड़क से लगे जंगली क्षेत्र से गिरा था। वनकर्मियों को भी यह पेड़ दिखाई नहीं दिया। दो माह से ग्रामीण कच्ची सड़क से आवागमन करते रहे। तेजगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी नीरज पांडे के अनुसार वह क्षेत्र सिग्रामपुर रेंज में आता है। इसलिए मामले को लेकर सिग्रामपुर रेंजर आश्रय उपाध्याय से बात की गई। उनका कहना था कि पेड़ जिस जगह गिरा है, वह क्षेत्र सिग्रामपुर रेंज के अधीन भी नहीं आता।
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पेड़ हटवा दिया है
इसको लेकर तेंदूखेड़ा पीडब्ल्यूडी के एसडीओ बीपी खरे ने बताया कि रिचकुड़ी मार्ग पर मात्र दो अकुशल श्रमिक सेवाएं दे रहे हैं। मुझे आज पेड़ गिरने की सूचना मिली थी, मैंने उसे हटवा दिया है। यदि ये कर्मचारी अपनी सेवाओं पर नहीं गए हैं, तो टाइम कीपर से जवाब लिया जाएगा। तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व का कहना है कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। एसडीओ से बात कर पता करेंगे कि कौन कर्मचारी कहां पदस्थ है।