दमोह जिले के हटा में चर्चित कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड के एक फरार आरोपी ने घटना के सात साल बाद सोमवार दोपहर हटा के अपर सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पर पुलिस ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
जानकारी के अनुसार दमोह देहात थाना क्षेत्र के सिहोरा पड़रिया निवासी त्रिलोक सिंह उर्फ छोटू परिहार (37) पर देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में धारा 302, 307, 147, 148, 149 और 120-बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज था। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन सात साल तक पुलिस उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी।
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सोमवार दोपहर आरोपी ने स्वयं हटा के अपर सत्र न्यायालय में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। हटा थाना प्रभारी टीआई सुधीर बेगी ने बताया कि आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। मंगलवार को पुलिस मामले में पूछताछ कर आरोपी को बुधवार को फिर से अपर सत्र न्यायालय में पेश करेगी।
मामले में पहले भी कई आरोपियों पर हुई कार्रवाई
बहुचर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में पथरिया की पूर्व विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह, देवर चंदू और भतीजे गोलू सिंह सहित कुल 28 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से सात मुख्य आरोपी वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वहीं एक आरोपी को पांच वर्ष पूर्व हाईकोर्ट ने डिस्चार्ज कर दिया था, जबकि एक अन्य आरोपी को हटा अपर सत्र न्यायालय ने वर्ष 2024 में साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। इसके अलावा 20 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने इस मामले में 18 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी त्रिलोक सिंह उर्फ छोटू परिहार के सरेंडर के बाद इस बहुचर्चित मामले में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

दमोह के चर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड मामले मे फरार आरोपी ने किया सरेंडर