दमोह जिले के पटेरा स्थित शासकीय एक्सीलेंस स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्राचार्य वंदना गुप्ता ने वर्तमान प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। बच्चों को संबोधित करते हुए लगाए गए आरोपों का वीडियो शनिवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले में प्रभारी प्राचार्य ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
ध्वजारोहण कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए लगाए आरोप
15 अगस्त को स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य वंदना गुप्ता बच्चों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने अमर शहीदों की कुर्बानी और देश की आजादी का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। इसी दौरान उन्होंने वर्तमान प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। वायरल वीडियो में वह बच्चों से कहती सुनाई दे रही हैं कि वे इतनी मेहनत से पढ़ाई करें कि उन्हें कमलेश शर्मा जैसी कथित भ्रष्टाचार करने की जरूरत न पड़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कमलेश शर्मा अपने वरिष्ठ को पीछे छोड़कर पैसे देकर प्राचार्य बने हैं।
आरोप सुनकर बच्चों ने बजाई तालियां
पूर्व प्राचार्य के आरोप लगाने के बाद बच्चों ने तालियां बजा दीं। बताया गया कि बच्चे उनके वक्तव्य की गंभीरता को समझ नहीं पाए थे। बच्चों के तालियां बजाने पर मौके पर मौजूद अन्य शिक्षकों ने तत्काल उन्हें रोक दिया। इसके बाद बच्चों ने तालियां बजाना बंद कर दिया।
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पांच दिन पहले ही छीना गया था प्राचार्य का प्रभार
मामले की पृष्ठभूमि में बताया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने करीब पांच दिन पहले वंदना गुप्ता को प्राचार्य पद से हटा दिया था। उनके स्थान पर उच्च माध्यमिक शिक्षक कमलेश शर्मा को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया था। विभागीय आदेश में वंदना गुप्ता की कार्यशैली को विवादित बताते हुए कई प्रशासनिक और विभागीय मामलों में लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
रद्दी बेचने की शिकायत के बाद जारी हुआ था नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, अवकाश के दिन स्कूल की रद्दी बेचने की शिकायत वंदना गुप्ता के खिलाफ प्राप्त हुई थी। इस मामले में उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। विभाग के अनुसार, जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद उन्हें प्राचार्य पद से हटाकर कमलेश शर्मा को प्रभार सौंपा गया।
ऑनलाइन उपस्थिति और सीएम हेल्पलाइन का भी उल्लेख
विभागीय आदेश में जुलाई माह के दौरान तीन दिन ऑनलाइन उपस्थिति लगाने, प्रोफाइल अपडेशन, नामांकन और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया कि प्राचार्य के कर्तव्यों के प्रति अपेक्षित सजगता नहीं होने के कारण उन्हें पद से मुक्त किया गया।
प्रभारी प्राचार्य बोले- आरोपों से आहत हूं
प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा ने कहा कि बच्चों के सामने उनके ऊपर जिस प्रकार के आरोप लगाए गए, उससे वह काफी आहत हैं। उन्होंने आरोपों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि स्कूल में लगातार विवाद की स्थिति बनी रही तो शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
14 अगस्त को थाने में दिया था आवेदन
कमलेश शर्मा ने बताया कि उन्हें पहले से आशंका थी कि पूर्व प्राचार्य उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगा सकती हैं। इसी वजह से उन्होंने 14 अगस्त को पटेरा थाने में आवेदन दिया था। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें कार्यालय में बैठने नहीं दिया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि स्कूल कार्यालय सहित अन्य कक्षों की चाबियां पूर्व प्राचार्य अपने साथ ले जाती हैं।
ध्वजारोहण में विवाद की जताई थी आशंका
थाने में दिए आवेदन में कमलेश शर्मा ने 15 अगस्त के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विवाद की आशंका भी जताई थी। उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। उनके मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही विवाद की स्थिति बनी।
डीईओ ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने बताया कि वंदना गुप्ता के खिलाफ कार्यशैली और अन्य विभागीय मामलों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें प्राचार्य पद से हटाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रभारी प्राचार्य की ओर से वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की सत्यता जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।