शाहपुर थाना पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए युवक उमेश कुमार का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ उमेश मंगलवार सुबह गोरखपुर डेम से लगे जंगल में गंभीर अवस्था में मिला। युवक को उसके परिजनों ने बेशर्म की घनी झाड़ियों के बीच बेहोशी की हालत में खोज निकाला, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों के अनुसार, वे लगातार उमेश की तलाश कर रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गोरखपुर डेम के आसपास खोजबीन के दौरान उन्हें जंगल के भीतर झाड़ियों के बीच उमेश दिखाई दिया। उस समय उसकी हालत बेहद खराब थी और वह ठीक से बोल पाने की स्थिति में नहीं था। परिजनों का कहना है कि उमेश के मुंह के अंदर बेशर्म के पत्ते भरे हुए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
परिवार के लोगों ने बताया कि उमेश अत्यधिक डरा हुआ दिखाई दे रहा था। जब उसे जंगल से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था, तब वह बार-बार कह रहा था, मुझे पुलिस के पास मत ले जाओ, वे मुझे मार डालेंगे। हालांकि उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह पूरी घटना के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहा था।
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परिजनों ने यह भी बताया कि उमेश के बाएं पैर में गंभीर सूजन दिखाई दे रही है, जिससे किसी प्रकार की चोट लगने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
उपचार कर रहे डॉक्टर नितिन देशमुख ने बताया कि अस्पताल लाए जाने के समय मरीज का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल काफी कम था। उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि युवक की मां ने बेटे के लापता होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डिंडौरी से उसकी तलाश कराने की गुहार लगाई थी। साथ ही उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। अब युवक के जंगल में गंभीर अवस्था में मिलने के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
इधर मामले को लेकर एसडीओपी शहपुरा ने कहा कि फिलहाल उमेश का उपचार चल रहा है। उसके होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी। उन्होंने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनका प्रतिवेदन तैयार कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजा जाएगा।
अब सभी की निगाहें उमेश के बयान पर टिकी हैं, क्योंकि उसके होश में आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद उसके साथ आखिर क्या हुआ और वह जंगल में उस हालत में कैसे पहुंचा।