सोशल मीडिया पर शब्दों की लक्ष्मण रेखा पार करना गुना के एक शख्स को भारी पड़ गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी पर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद पूरे यादव समाज में उबाल आ गया। बुधवार को अखिल भारतवर्षीय युवा यादव महासभा के कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली का घेराव कर कड़ा विरोध जताया। दबाव बढ़ता देख आरोपी बृजेश भानु शर्मा को खुद थाने पहुंचकर सरेंडर करना पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की शुरुआत एक फेसबुक पोस्ट से हुई। बृजेश भानु शर्मा नाम के व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर बेहद ओछी और अमर्यादित टिप्पणी कर दी। पोस्ट वायरल होते ही गुना जिले में यादव समाज के लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बुधवार दोपहर सिटी कोतवाली पहुंचे। ज्ञापन सौंपकर उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन करेगा।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि हम सनातन धर्म के अनुयायी हैं। हमारे संस्कार किसी भी समाज की बहन-बेटी पर कीचड़ उछालने की इजाजत नहीं देते। सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का मंच है, लेकिन मर्यादा तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई तय है। समाज ने एक स्वर में कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, मगर परिवार और बच्चों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन मिलते ही पुलिस हरकत में आई। सिटी कोतवाली में आरोपी बृजेश भानु शर्मा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया।
गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख आरोपी ने पहले जमानत याचिका लगाई। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने सोशल मीडिया पर ही माफी का वीडियो जारी किया। हाथ जोड़कर बृजेश भानु शर्मा ने कहा, "मैं जिले, प्रदेश और देश के समस्त यादव समाज के भाइयों से क्षमा मांगता हूं। अखिलेश यादव की बेटी पर की गई पोस्ट के लिए मुझे आत्मग्लानि है। पता नहीं किस मानसिकता में यह गलती हो गई। भविष्य में किसी भी समाज के बच्चों पर टिप्पणी नहीं करूंगा।"
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माफी के कुछ घंटों बाद ही आरोपी बृजेश भानु शर्मा सिटी कोतवाली पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पोस्ट डिलीट कराई जा चुकी है, मगर उसके स्क्रीनशॉट साक्ष्य के तौर पर जब्त किए गए हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की पोस्ट की हैं या नहीं।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यादव समाज ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि कानून ने अपना काम किया है। हम चाहते हैं कि यह केस उदाहरण बने, ताकि कोई और सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करे। फिलहाल पुलिस आगे की विवेचना में जुटी है।