हरदा जिले के दौरे पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और किसानों के मुद्दों को लेकर नौ अप्रैल को बड़े आंदोलन का एलान किया। कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं से माफी भी मांगी और कहा कि संगठन की ताकत ही कांग्रेस की असली पूंजी है।
हरदा में कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, विधायक आर.के. दोगने, जिला अध्यक्ष मोहन बिश्नोई सहित कई इस बीच उपस्थित रहे। इसके बाद पटवारी गोयत गांव में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने किसानों और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। अपने संबोधन में पटवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से कई बड़े वादे किए थे, जिनमें कृषि बजट अलग से पेश करने और सोयाबीन का दाम 6000 रुपये तथा गेहूं का दाम 2700 रुपये प्रति क्विंटल देने की बात शामिल थी। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी किसानों को इन वादों का लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा।
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उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी की शुरुआत 15 मार्च से होनी थी, लेकिन यह प्रक्रिया अब 10 अप्रैल तक टल गई है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। पटवारी ने बारदान (बोरी) की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि जहां करीब 10 करोड़ बारदान की जरूरत थी, वहां सरकार ने केवल ढाई करोड़ की ही व्यवस्था की है। यह किसानों के साथ अन्याय है और एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि इन सभी मुद्दों के विरोध में कांग्रेस नौ अप्रैल को जिला स्तर पर आंदोलन करेगी और कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर किसानों की आवाज को बुलंद करें। इसके साथ ही उन्होंने मूंग की फसल के लिए सिंचाई पानी की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया और जिला कांग्रेस को निर्देश दिए कि इसे भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बनाया जाए। पटवारी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और वल्लभ भवन से उनके पक्ष में ठोस फैसले लिए जाएंगे।