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Jabalpur News: OBC आरक्षण के संबंध में पक्ष व विपक्ष 15 अप्रैल तक पेश करें दस्तावेज, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 23 Mar 2026 09:52 PM IST
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हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के संबंधित दायर याचिकाओं के संबंध में दस्तावेज पेश करने के लिए 15 अप्रैल की समय सीमा निर्धारित की है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के पक्ष तथा विपक्ष में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कुछ याचिकाओं की सुनवाई करते हुए ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर रोक लगा दी थी। विपक्ष में दायर याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंदिरा साहनी तथा मराठा आरक्षण के संबंध में दायर याचिकाओं में स्पष्ट कहा गया है कि आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। कुछ याचिकाओं में फार्मूला 87ः13 को चुनौती देते हुए 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर आपत्ति की गई थी। पक्ष में दायर की गई याचिकाओं में आबादी के अनुपात में आरक्षण की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में दायर एसएलपी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट वापस भेजते हुए सुनवाई के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रकरणों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन किया जाए। विशेष न्यायालय तीन माह में याचिका का निराकरण करें। जिसमें से दो माह का समय गुजर गया है। युगलपीठ ने सोमवार को याचिका की सुनवाई करते हुए उक्त आदेश जारी किए। आरक्षण के विरोध में दायर याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी तथा प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह तथा हस्ताक्षेपकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने पैरवी की।
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