मध्यप्रदेश के कटनी जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में 30 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिन्होंने प्रीलिटिगेशन के 4631 प्रकरणों में से 2915 का निराकरण किया। वहीं, न्यायालय में लंबे समय से लंबित 1082 प्रकरणों में से 485 प्रकरणों का निपटारा करते हुए 870 लोगों को लाभान्वित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी की ओर से हर्षित बिसेन ने बताया कि माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जिला एवं तहसील न्यायालयों सहित अन्य विभागों ने नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया था। जिसमें 30 खंडपीठों ने 5713 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए 3400 प्रकरणों का निराकरण कर 3504 लोगों को लाभान्वित किया। इन प्रकरणों में कुल 88 लाख 108 रुपए की राशि जमा हुई है।
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व्यवहार न्यायाधीश सिमत शर्मा ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में राजस्व, नगर निगम, बिजली विभाग, मोटर दुर्घटना दावा, आपराधिक मामलों समेत पक्षकारों के आपसी राजीनामे से लंबित मामलों का हल हुआ है। जिला न्यायालय में आयोजित लोक अदालत के दौरान कुटुंब न्यायालय में कई परिवारों को टूटने से बचाया गया। न्यायाधीश भू-भास्कर यादव व काउंसलरों की पहल से अलग रह रहे दंपतियों की काउंसलिंग कर उन्हें साथ रहने के लिए राजी किया गया। कई दंपति ऐसे थे, जिन्होंने तलाक के लिए आवेदन किया था। सुलह के बाद दोनों का जयमाला कराने के बाद घर विदा किया गया। इस दौरान 54 प्रकरण तलाक के व 150 केस भरण-पोषण से संबंधित थे। अधिकांश मामलों में सुलह कराई गई।
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बता दें, हर तीन माह में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, लेकिन कई स्थानों पर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, कटनी में ऐसा नहीं किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी की ओर से जिला विधिक सहायता अधिकारी हर्षित बिसेन ने नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजीनामा करने वाले पक्षकारों को प्रतीक स्वरूप फलदार एवं छायादार पौधे भी प्रदान किए गए।