मध्यप्रदेश के खंडवा नगर में दशहरे के दिन एक दलित युवती को जिंदा जलाकर उसकी हत्या करने के प्रयास का बड़ा मामला सामने आया। दरअसल शहर से महज 7 किलोमीटर दूर, नहालदा गांव की रहने वाली युवती के साथ आरोपी के पिता ने कुछ दिन पहले छेड़छाड़ की घटना अंजाम दी थी, जिसके बाद शनिवार को ठीक दशहरे के दिन युवती के आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास के बाद, उसे गम्भीर हालात में जिला अस्पताल लाया गया था। यहां कोतवाली थाना पुलिस की ओर युवती के बयान के आधार पर बड़ा खुलासा हुआ है। युवती के अनुसार उसे आरोपी ने पिता पर मामला दर्ज कराने को लेकर पहले तो धमकाया, फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है, तो वहीं उसके परिजनों पर भी प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई है। इधर, युवती की हालत गंभीर होने के चलते उसे इंदौर रेफर किया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
खंडवा नगर में ग्राम नहालदा में एक आरोपी ने एक दलित युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगाते हुए, जलाकर मारने का प्रयास किया है। हालांकि गनीमत रही कि युवती के पिता ने आग की लपटों से झुलसी युवती को बचा लिया और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे गंभीर हालत के चलते इंदौर रेफर किया गया।
इस मामले को पहले आत्महत्या के प्रयास का मामला बताया गया था, लेकिन पीड़िता के बयान के आधार पर जांच शुरू करते हुए अब हत्या के प्रयास जैसी गम्भीर धाराओं में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही आरोपी के परिजनों पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। वहीं, फिलहाल युवती का इंदौर के हॉस्पिटल में इलाज जारी है। युवती की हालत स्थिर बनी हुई है। साथ ही पुलिस जांच में आगे और जो भी तथ्य सामने आते हैं, उस पर भी पुलिस क ओर से करवाई की जाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर सरकार को घेरा
प्रदेश के खंडवा में दलित ड्यूटी के साथ आग लगाकर मरने के प्रयास की घटना के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसको लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। पटवारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश में अब जंगलराज सिर चढ़ कर बोल रहा है। आए दिन अखबारों के पन्ने बेटियों के खून से रंगे हुए मिलते हैं। खंडवा में 18 वर्ष की बेटी के साथ घिनौना अपराध होता है, और जब वह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराती है, तो आरोपी के बेटे द्वारा उसे पेट्रोल डालकर जला दिया जाता है। बेटियों के लिए मध्य प्रदेश अब तालिबान से भी बदतर जगह बन गया है, जहां न तो वे सुरक्षित हैं, और अपराधियों को भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिससे आए दिन बेटियों के साथ अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है।‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली सरकार न तो बेटियों को पढ़ा पा रही है, न ही उन्हें बचा पा रही है। आख़िर कब तक मुख्यमंत्री जी बेटियों के साथ हो रहे जघन्य अपराधों पर मौन रहेंगे?
यह है आत्महत्या से हत्या के प्रयास का पूरा घटनाक्रम
बता दें कि बीते 7 अक्तूबर को पीड़ित युवती ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी, जिसमें आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसके एक दिन बाद 8 अक्तूबर को आरोपी को न्यायालय से जमानत मिल गई थी। इस दौरान पुलिस ने आरोपी पर बॉन्ड ओवर की भी कार्रवाई की थी। उसके बाद अचानक 12 अक्तूबर को युवती के जलने की खबर आई। जिस पर उसे जिला अस्पताल लाया गया था, जहां युवती लगभग 27% तक जल गई थी। उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है और हालत स्थिर बनी हुई है।
इस दौरान जिला अस्पताल में लिए युवती के बयान के आधार पर मालूम चला कि युवती को छेड़छाड़ करने वाले आरोपी के पुत्र ने पहले अपने पिता पर मामला दर्ज करने को लेकर धमकाया था, जिसके बाद दशहरे के दिन युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर उसे मारने का प्रयास किया गया।